योगी राज के अंतिम दिनों में फिर बलि का बकरा बने शुक्ला जी

योगी राज के अंतिम दिनों में फिर बलि का बकरा बने शुक्ला जी

ब्राह्मण समाज प्रताड़ित किए जाने से नाराज रहा है। अब अयोध्या में डीएम के बोर्ड का रंग बदलने के मामले में फिर एक शुक्ला जी बलि का बकरा बनाए गए।

कुमार अनिल

ऐसे लोगों की कमी नहीं है, जो यूपी में योगी राज को ठाकुर राज बताते रहे हैं। यूपी के ब्राह्मण समाज का एक हिस्सा नाराज भी रहा है। यह नाराजगी पूर्वी उत्तर प्रदेश में ज्यादा रही है। यहीं अंतिम चरण का चुनाव शेष है। इसी बीच जले पर नमक की तरह खबर है कि अयोध्या में 24 घंटे में जिलाधिकारी के बोर्ड का रंग दो बार बदले जाने के मामले पर डीएम का तो कुछ नहीं बिगड़ा, पर एक जूनियर इंजीनियर शुक्ला जी बलि का बकरा बना दिए गए। उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है।

अयोध्या के डीएम आवास का रास्ता बतानेवाले बोर्ड का रंग पहले भगवा था। तीन दिन पहले इस भगवा बोर्ड को हटा कर हरे रंग का बोर्ड लगा दिया गया। मालूम हो कि भाजपा का पसंदीदा रंग भगवा है और साथ ही वे हरे रंग को खास धर्म से जोड़कर देखते हैं। यह बोर्ड सोशल मीडिया में छा गया। लेकिन दूसरे दिन फिर से जिलाधिकारी आवास का बोर्ड बदल गया। अब इसे हरे से लाल कर दिया गया। लाल रंग सपा का रंग है। इस खबर से भाजपा की परेशानी बढ़ गई। पूरे यूपी में मैसेज चला गया कि योगी सरकार जा रही है।

अब तीन दिन पीडब्ल्यूडी के जूनियर इंजीनियर अजय कुमार शुक्ला को प्रशासन ने सस्पेंड कर दिया है। जो ब्राह्मण पहले से प्रताड़ित किए जाने से नाराज थे, उनके गाव पर नमक छिड़क दिया गया है। शुक्ला जी के सस्पेंशन की खबर भी कुछ ही घंटे में पूर्वी यूपी के गांव-गांव तक पहुंच गई है।

ब्राह्मणों की नाराजगी का आभास भाजपा को भी है। इसीलिए पाठकों ने गौर किया होगा कि अंतिम चरण के चुनाव प्रचार में योगी आदित्यनाथ कहीं नजर नहीं आए। भाजपा के प्रचार की जिम्मेदारी खुद प्रधानमंत्री मोदी ने अपने कंधों पर ले ली। लेकिन क्या केवल अंतिम चरण के चुनाव प्रचार से योगी आदित्यनाथ को बाहर कर देने से ब्राह्मण समाज ठाकुर राज कहना बंद कर देगा? इस सवाल का उत्तर जो भी हो, लेकिन यूपी में सातवें चरण के चुनाव से पहले फिर एक बार शुक्ला जी को बलि का बकरा बनाए जाने की चर्चा जोरों पर है।

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