Exclussive:राजद,कांग्रेस के दर्जनों टिकट दावेदार होंगेAIMIM में शामलि

Exclussive:राजद, कांग्रेस के दर्जनों टिकट दावेदार होंगे AIMIM में शामलि

नौकरशाही डॉट कॉम को पता चला है कि टिकट नहीं मिलने की स्थिति में राजद व कांग्रेस के कोई दर्जन भर उम्मीदवार AIMIM का दामन थामने की तैयारी कर चुके हैं.

Naukarshahi.Com
Irshadul Haque, Editor naukarshahi.com

सूत्र बताते हैं कि एआईएमआईएम के साथ राजद, कांग्रेस के अनेक दावेदार प्रत्याशी प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से सम्पर्क में हैं. ये उम्मीदवार अपनी पार्टियों द्वारा टिकट बंटवारे के ऐलान का इंतजार कर रहे हैं. उनका कहना है कि अगर उन्हें टिकट मिल गया तब तो वे अपनी मौलिक पार्टियों के टिकट पर ही चुनाव लड़ेंगे. टिकट नहीं मिलने की स्थिति में वे चुनावी मैदान से अलग हो कर तमाशा देखना नहीं चाहेंगे.

ओवैसी की बिहार में धमाकेदार एंट्री, आते ही कर लिया गठबंधन

उधर AIMIM के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी( Asaduddin Owaisi) शनिवार को पटना पहुंच कर यशवंत सिन्हा द्वारा बनाये गये गठबंधन UDA में सेंधमारी कर दी. दो दिन पहले तक UDA का हिस्सा रहे समाजवादी जनता दल के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने ओवैसी के साथ प्रेस कांफ्रेंस करके अपनी पार्टी को एआईएमआईएम के गठबंधन में शामिल होने का ऐलान कर दिया. उन्होंने इशारा दिया कि यूडीए यानी युनाइटेड डोमोक्रेटिक अलायंस ( UDA) से जुड़ी अन्य पार्टियां भी असदुद्दीन ओवैसी के गठबंधन का हिस्सा जल्द ही बनेंगी.

समाजवादी नेता देवेंद्र यादव केंद्र में मंत्री रह चुके हैं.

ओवैसी और देवेंद्र यादव ने नया गठबंधन युनाइटेड डेमोक्रेटिक सेक्युल अलायंस ( UDSA) बनाया है. जबकि UDA का नेतृत्व वाजपेयी मंत्रिमंडल में वित्त मंत्री रहे यशवंत सिन्हा कर रहे हैं. यशवंत सिन्हा के साथ पूर्व सांसद अरुण कुमार, बिहार की पूर्व मंत्री रेणु कुशवाहा, पूर्व मंत्री नागमणि, अशफाक रहमान के नेतृत्व वाला जनता दल राष्ट्रवादी समेत अनेक दल शामिल हैं.

समाजवादी नेता देवेंद्र यादव द्वारा UDA छोड़ कर UDSA में शामिल होने के बाद, यशवंत सिन्हा के नेतृत्व वाले गठबंधन में खलबली मच गयी है. यशवंत सिन्हा के एक करीबी सूत्र ने नौकरशाही डॉट कॉम को बताया है कि वह इन ‘व्यथित आत्माओं’ से परेशान हैं.

ओवैसी फैक्टर

असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी सीमांचल के सुपौल, कटिहार, किशनगंज और पूर्णिया में बड़ी तेजी से लोकप्रिय हुई है. इस क्षेत्र के अनेक पूर्व विधायक व अनेक दलों के नेता एआईएमआईएम में शामिल हो चुके हैं. सीमांचल में मुसलमानों की बड़ी अबादी है. 2019 में एआईएमआईएम ने विधान सभा उप चुनाव में किशनगंज विधान सभा सीट से खाता खोल चुकी है. वहां से कमरुल होदा ने जीत दर्ज की. पूर्वी भारत में बिहार पहला राज्य है जहां ओवैसी की पार्टी विधान सभा पहुंची है. मुसलमानों और दलितों की मजबूती से आवाज उठाने के कारण मुस्लिम व दलित युवाओं में पार्टी ने मजबूत पैठ बनायी है. एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान कहते हैं कि जुल्म के खिलाफ हाशिये के लोगों को एकजुट करने की उनकी कोशिश रंग ला रही है.

अब एआईएमआईएम वेट ऐंड वाच की रणनीति पर काम कर रही है. उसको उम्मीद है कि राजद, कांग्रेस और कुछ हद तक जदयू के कार्यकर्ता जल्द ही उनकी पार्टी में शामिल होंगे.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*