नीतीश, अखिलेश, ममता के इनकार के बाद ‘इंडिया’ की बैठक टली

नीतीश, अखिलेश, ममता के इनकार के बाद ‘इंडिया’ की बैठक टली

नीतीश, अखिलेश, ममता के इनकार के बाद ‘इंडिया’ की बैठक टली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 6 दिसंबर को बुलाई थी बैठक। विपक्षी एकता अधर में…।

पांच राज्यों के चुनाव के बाद इंडिया गठबंधन को पहला झटका लगा है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने रविवार को गठबंधन की बैठक 6 दिसंबर को बुलाने की घोषणा की थी। इधर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, सपा प्रमुख अखिलेश यादव तथा बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दिल्ली में होने वाली इस बैठक में शामिल होने से मना कर दिया। इसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष ने इंडिया गठबंधन की बैठक टाल दी। अब बैठक दिसंबर के तीसरे सप्ताह में होने सी संभावना है। इसी के साथ विपक्षी गठबंधन के भविष्य पर प्रश्नचिह्न लग गया है।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बारे में बताया गया कि वे अस्वस्थ हैं, इसलिए दिल्ली में गठबंधन की बैठक में शामिल नहीं होंगे। ममता बनर्जी ने प्रेस को बताया कि 6 दिसंबर को बैठक के बारे में उन्हें पहले नहीं बताया गया। उस दिन पहले से उनके कार्यक्रम तय हैं। उधर सपा प्रमुख अखिलेश यादव के बारे में भी जानकारी मिली की वे बैठक के लिए समय नहीं निकाल पाएंगे।

विपक्ष के इन तीन बड़े नेताओं के मना करने के बाद तमिलनाडु से भी खबर मिल रही है कि वहां तूफान की वजह से चैन्नई तथा राज्य के कई हिस्सों में बाढ़ तथा नुकसान को देखते हुए मुख्यमंत्री स्तालिन प्रदेश से बाहर नहीं जाएंगे। वे बाढ़ से बचाव के कार्यों की खुद मॉनिटरिंग कर रहे हैं। इस तरह कई नेताओं के बैठक में शामिल नहीं होने की स्थिति में विपक्षी गठबंधन की बैठक का टलना स्वाभाविक है।

लेकिन राजनीतिक क्षेत्र में यह भी कहा जा रहा है कि विपक्ष के क्षेत्रीय नेता कांग्रेस से नाराज हैं और इसी वजह से वे बैठक में जाने से मना कर रहे हैं। कहा जा रहा कि विपक्ष के कई नेता भाजपा गठबंधन के साथ जा सकते हैं। इससे उनके राज्य में उनके अस्तित्व को कोई खतरा तत्काल नहीं है। कई दल भाजपा के साथ पहले भी काम कर चुके हैं। अगर ऐसा हुआ, तो विपक्षी एकता पर सवाल उठ जाएंगे। हालांकि कई विशेषज्ञों का कहना है कि ये क्षेत्रीय नेता कांग्रेस पर दबाव बना रहे हैं। कांग्रेस से अपनी बारगेनिंग के बाद वे फिर से विपक्षी एकता का हिस्सा बन जाएंगे।

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