अखिलेश दलितों से दूर-दूर, प्रियंका पहुंचीं सितारा जाटव के घर

अखिलेश दलितों से दूर-दूर, प्रियंका पहुंची सितारा जाटव के घर

कांग्रेस की कोशिश दलितों को साथ लाने की है। जहां भी दलितों पर उत्पीड़न हुआ,प्रियंका गांधी पहुंचती रही हैं। आज वे चूड़ी बनानेवाली सितारा जाटव के घर पहुंचीं।

सितारा जाटव के साथ प्रियंका गांधी।

लगता है सपा प्रमुख अखिलेश यादव की चुनावी रणनीति की प्रमुख कड़ी में दलित नहीं हैं। यूपी में दलित उत्पीड़न की घटनाओं के बाद पीड़ितों से खुद मिलने वे नहीं जाते। उनकी रणनीति संपूर्ण पिछड़ों को गोलबंद करना है। उन्हें लगता है कि मुस्लिम का वोट इस बार बसपा नहीं बांट पाएगी। इस तरह संपूर्ण पिछड़ा और मुस्लिम एकता चुनावी जीत के लिए काफी है।

इधर कांग्रेस का जोर महिला के साथ ही दलितों पर है। हाथरस में दलित युवती के साथ जो हुआ, वह दिल दहलानेवाला था। वहां प्रियंका पहुंची थीं। इसके बाद भी हर घटना के बाद वह पीड़ित पक्ष के साथ खड़ी दिखती हैं। अब तक माना जा रहा था कि प्रियंका गांधी का जोर गैर जाटव दलित मतदाताओं पर है। जाटव को मायावती की बसपा के साथ माना जाता रहा है। आज पहली बार प्रियंका गांधी सितारा जाटव के घर पहुंचीं। सितारा चूड़ी बनानेवाली गरीब महिला है। सितारा के साथ प्रियंका ने यह जानने की कोशिश की कि चूड़ी बनाने में महिला कारीगरों को क्या-क्या परेशानी आती है। उन्हें दिनभर की मेहनत के बाद कितना पैसा मिल पाता है।

कांग्रेस ने प्रियंका गांधी के सितारा जाटव के साथ बातचीत का वीडियो भी जारी किया है। वीडियो में प्रियंका गांधी और सितारा जाटव के बीच आत्मीय बातचीत देखी-सुनी जा सकती है।

कांग्रेस को पता है कि वोट बैंक के हिसाब से उसके पास ऐसा कोई वर्ग नहीं है, जिसे वह अपना वोट बैंक कह सके। इसीलिए उसने मैं लड़की हूं लड़ सकती हूं नारे के साथ महिलाओं खासकर युवतियों को अपनी तरफ आकर्षित करने की कोशिश की है। कांग्रेस की यह कोशिश कामयाब होती भी दिख रही है। कल लखनऊ में बड़ी संख्या में लड़कियों ने मैराथन में हिस्सा लिया। आज भी प्रियंका गांधी ने मुरादाबाद में महिलाओं के साथ विशेष संवाद किया।

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