झारखंड मॉडल बना, न झुका, न डरा, चंपई ने ली CM पद की शपथ

झारखंड मॉडल बना, न झुका, न डरा, चंपई ने ली CM पद की शपथ

झारखंड मॉडल बना, न झुका, न डरा, चंपई ने ली CM पद की शपथ। हेमंत सोरेन नायक बन कर उभरे। इंडिया गठबंधन के विधायक न डरे, न बिके। चुनाव में दिखेगा असर।

झारखंड में तिकड़म, धन बल और ईडी से डराने की राजनीति पर इंडिया गठबंधन की एकता भारी पड़ी। आखिरकार गठबंधन के नेता चंपई सोरेन को मुख्यमंत्री पद की शपथ के लिए आमंत्रित करना पड़ा और आज शुक्रवार उन्होंने शपथ ली। झारखंड में भाजपा की फजीहत हुई और इंडिया गठबंधन का हौसला मजबूत हुआ है।

जिस प्रकार बिना किसी ठोस आधार के हेमंत सोरेन को ईडी ने जेल भेजा उसके खिलाफ पूरे झारखंड में रोष है। देशभर से सोरेन के पक्ष में आवाज उठ रही है। सोरेन ने भाजपा के आगे झुकना कबूल नहीं किया, जेल जाना स्वीकार किया। इससे वे नायक बन कर उभरे हैं, जबकि भाजपा की प्रतिष्ठा तार-तार हुई है।

झारखंड में भाजपा दो सवालों में घिर गई है। आने वाले दिनों में उसे दोनों सवाल भारी नुकसान पहुंचाने वाले हैं। पहला कि नीतीश कुमार को राज्यपाल ने चार घंटे में शपथ दिला दी, लेकिन चंपई सोरेन ने दावा पेश किया, तो उन्हें कहा गया कि इंतजार करिए। हम विचार करेंगे। दूसरे दिन भी शपथ के लिए नहीं बुलाया। इस बीच चंपई सोरेन ने राज्यपाल को पत्र लिखा। सारे विधायकों का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वे अपनी गिनती कर रहे हैं। एक एक करके सारे विधायक बोल रहे हैं एक, दो, तीन..तैंतालीस। इंडिया गठबंधन के सारे दलों ने इस नाइंसाफी के खिलाफ आवाज उठाई। तब जाकर आधी रात को आमंत्रित किया गया और आज दोपहर शपथ दिलाई गई। लोग समझ रहे हैं कि देर इसलिए किया गया ताकि विधायकों को खरीदा जा सके या डराया जा सके। इससे भाजपा की प्रतिष्ठा पर बट्टा लगा है।

दूसरा सवाल जिस तरह हेमंत सोरेन को गिरफ्तार किया गया वह है। उन पर कोई सीधा आरोप नहीं है। केस में एक आरोपी ने कहा कि सीएम के पीए का नाम लिया और इसी आधार पर गिरफ्तार कर लिया गया। इसी तरह दिल्ली में आप नेताओं को भी फंसाया गया है। इस तरह तो कोई भी आरोपी किसी का नाम ले सकता है, तो क्या उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा या जांच होगी। झारखंड में हेमंत सोरेन के प्रति सहानुभूति पैदा हुई है और वे आदिवासी समजा के नए नायक बन कर उभरे हैं। शुक्रवार को बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी सोरेन को गिरफ्तार करने का विरोध किया है।

इस प्रकरण में भाजपा की फजीहत हुई है। उसकी कोशिश थी कि सोरेन को फंसा कर इंडिया गठबंधन को तोड़ देंगे और लोकसभा चुनाव में 14 में 14 सीट जीत लेंगे। लेकिन हो गया उल्टा। इंडिया गठबंधन लड़ा और जीता। लोकसभा चुनाव में भी भाजपा को इसा खामियाजा भुगतना पड़ेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चार फरवरी को धनबाद में आयोजित रैली रद्द करनी पड़ी है।

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