ई-गवर्नेंस में बिहार के IAS अफसरों ने किया कमाल
ई-गवर्नेंस में बिहार के IAS अफसरों ने किया कमाल। बिहार तकनीकी सम्मेलनः ई-गवर्नेस के नए आयाम’ कार्यक्रम में अफसरों के नवीन प्रयोग चौंकानेवाले।
बिहार को इ-गवर्नेंस और तकनीक के क्षेत्र में सशक्त बनाने और डिजिटल सेवाओं को आम जनता के बीच आसानी से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राजधानी पटना के अधिवेशन भवन में 07 और 08 जुलाई को बिहार तकनीकी सम्मलेन का आयोजन राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र और सूचना प्रावैधिकी विभाग, बिहार सरकार द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित हो रहा है। इसके उद्घाटन कार्यक्रम में आमिर सुबहानी, मुख्य सचिव, बिहार, एस.एन त्रिपाठी, महानिदेशक इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, नई दिल्ली, संतोष कुमार मल्ल, प्रधान सचिव सूचना प्रावैधिकी विभाग, बिहार सरकार, अरविन्द कुमार चौधरी, विशेष सचिव सूचना प्रावैधिकी विभाग, बिहार सरकार एवं अन्य गणमान्य अतिथिगण उपस्थित रहे।
बिहार तकनीकी सम्मलेन में आये हुए सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत राजेश कुमार मिश्रा डीडीजी एसआईओ एनआईसी, बिहार ने किया। उद्घाटन सत्र में प्रधान सचिव, सूचना प्रावैद्यिकी विभाग, संतोष कुमार मल्ल ने अतिथियों और प्रतिभागियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि इंटरनेट और डिजिटल माध्यम का उपयोग कर सरकारी सेवाओं को आम जनता के बीच आसानी से उपलब्ध कराया जा सकता है।
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— naukarshahi.com (@naukarshahi) July 7, 2023
ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में बिहार के आईएएस अफसरों ने किया कमाल@nalandadsp@Dm_Motihari @ias_kundan @Gopalganj @Dm_Motihari pic.twitter.com/qC6dQJS2MP
इस सम्मलेन के प्रारंभिक सम्बोधन में एसएन त्रिपाठी, डायरेक्टर जनरल इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन ने फ्यूचर वर्क,फ्यूचर ऑफ़ वर्कर और फ्यूचर ऑफ़ वर्कफोर्स के बारे में विस्तार से बताया और सूचना प्रौद्योगिकी के इस युग में हमें सलूशन ड्रिवेन मानसिकता रखनी चाहिए और उसी दिशा में प्रयासरत रहना चाहिए।
मुख्य सचिव आमिर सुबहानी ने अपने सम्बोधन में कहा कि पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में ज़यादा से ज़यादा टेक्नोलॉजी के उपयोगिता की बात पर ज़ोर दिया। साथ उन्होंने कहा की टेक्नोलॉजी का उपयोग कर पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में बड़े स्तर पर पब्लिक रिफॉर्म्स को लागू किया जा सकता है। उन्होंने आईटी टीम को २ दिनों के वर्कशॉप में वैसे एप्लीकेशन के पहचान करने का निर्देश दिया जिसे पब्लिक रिफॉर्म्स के लिए राज्य स्तर पर लागू किया जा सके।
सम्मलेन के दौरान डिस्ट्रिक्ट आईसीटी सुइट का लोकार्पण मुख्य सचिव आमिर सुबहानी द्वारा किया गया,डिस्ट्रिक्ट आईसीटी सुइट एक इंटीग्रेटेड डैशबोर्ड सिस्टम है जिसकी मदद से बिहार के तमाम जिले के जिलाधिकारी सभी ऍप्लिकेशन्स और योजनाओं कि समीक्षा और निगरानी ससमय और प्रभावी ढंग से कर पायेंगे। इस सम्मलेन में बिहार में डिजिटल माध्यम और विभिन्न तकनीकों का उपयोग कर ई-गवर्नेंस को और बेहतर, सशक्त और सुगम बनाने के उद्देश्य से सूचना प्रावैधिकी के महत्वपूर्ण पहलुओं जैसे साइबर सुरक्षा, बिहार इंटरप्राइजेज आर्किटेक्चर, ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजीज, डेटा एनालिटिक्स, आर्टिफीसियल इंटेलिजेन्स, ई-गवर्नेंस रोड मैप आदि पर विस्तृत चर्चा की गयी।
कार्यक्रम के वक्ताओं में प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ (आईटी इंडस्ट्री, शिक्षा एवं उद्योग क्षेत्रों से) विभिन्न बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MICROSOFT, GOOGLE, IBM, KPMG, E & Y, PWC, DELOITTE, PRIMES PARTNERS, BDP INDIA LLP ) के प्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यक्रम में विभिन्न वक्ताओं ने सूचना प्रावैधिकी से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर बिहार के परिपेक्ष्य में प्रकाश डाला। इस कार्यक्रम में बिहार सरकार के कई विभागों के विभागीय सचिव, प्रमंडलीय आयुक्त, जिलाधिकारी, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी सहित 350 प्रतिभागी उपस्थित हुए और अन्य फील्ड ऑफिसर वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।यह कार्यक्रम सूचना प्रावैद्यिकी विभाग, बिहार सरकार एवं राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के साझेदारी में आयोजित किया गया।
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