गंगा पथ पर रोजगार देने की तेजस्वी ने खोज निकाली बड़ी योजना

गंगा पथ पर रोजगार देने की तेजस्वी ने खोज निकाली बड़ी योजना

तेजस्वी यादव लगातार नौकरी-रोजगार पर जोर दे रहे हैं। अब उन्होंने पटना के गंगा पथ (मरीन ड्राइव) को लेकर बनाई महत्वाकांक्षी योजना। हजारों को मिलेगा रोजगार।

अक्टूबर-नवंबर में दो बार बिहार के नौजवानों को नियुक्तिपत्र दे चुके उपमुख्यमंत्री Tejashwi Yadav इसी महीने तीसरी बार नियुक्तिपत्र 16 नवंबर को बांटेंगे। इस बीच तेजस्वी यादव ने पटना में गंगा किनारे बने गंगा पथ (मरीन ड्राइव) में भी हजारों युवकों को रोजगार देने का रास्ता खोज लिया है।

पटना में दीघा से पटना सिटी तक बन रहे गंगा पथ का एक हिस्सा चालू हो गया है। दीघा से पीएमसीएच तक गंगा पथ लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गया है, बहुत जल्द अब यहां हजारों युवकों को रोजगार मिलेगा। इसके लिए तेजस्वी यादव खास प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं।

नौकरशाही डॉट कॉम को मिली जानकारी के अनुसार उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव गंगा पथ के किनारे हजारों युवकों को रोजगार के नए अवसर देने के लिए पांच बड़े कदम उठाने जा रहे हैं।

पहला, गंगा पथ के किनारे बनेगा कल्चरल जोन। इस जोन में बिहार की लोक-कलाओं का प्रदर्शन होगा। पेंटिंग से लेकर मिट्टी से तरह-तरह के सुंदर आकार देने वाली कला दिखेगी। गंगा पथ बिहारी कलाकारों को अपनी कला दिखाने का मंच बनेगा।

दूसरा, तेजस्वी यादव राजनीति में आने से पहले क्रिकेट खिलाड़ी रह चुके हैं। वे गंगा पथ के किनारे खेल परिसर बनाएंगे, जहां खिलाड़ी प्रैक्टिस कर सकेंगे। खिलाड़ियों को सपोर्ट करने वाले भी होंगे। पौष्टिक आहार वाले कॉर्नर होंगे।

तीसरा, गंगा पथ के किनारे एंटरटेनमेंट जोन होगा, जहां लोक कलाकारों के साथ ही युवा अपनी कला के जरिये मनोरंजन करा सकेंगे। यहां छोटे-छोटे ओपेन थियेटर बनाने की भी योजना है, जहां गंगा किनारे रेत पर बैठकर लोग मनोरंजन कर सकेंगे।

तीसरा, रिक्रिएशन जोन होगा, जहां मनोविनोद किया जा सकेगा। गाना, डांस करने के जगह होगी। गंगा को छूकर आती हवाओं के बीच यह जोन विशेष अनुभूति देगा।

चौथा, गंगा पथ के किनारे बच्चों के खेल-मनोरंजन के विशेष जोन होंगे। और पांचवा, सीनियर सिटीजन के लिए भी अलग जगह होगी। और जिम के साधन तथा सेल्फी जोन तो होगा ही।

तेजस्वी यादव की इस महात्वाकांक्षी योजना में गार्ड से लेकर थीम के साथ इवेंट करने वाले नए युवकों को भी रोजगार मिलेगा। खाने-पीने की दुकानें, बिहार की ग्रामीण शिल्पकला के वस्तु भी लोग खरीद सकेंगे।

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