गोदी एंकरों के दिन लदे : छा गए रवीश, अर्णब के भागे दर्शक

गोदी एंकरों के दिन लदे : छा गए रवीश, अर्णब के भागे दर्शक

प्रधानमंत्री ने काले कानून वापस लिए और गोदी एंकरों के बुरे दिन आ गए। रवीश को 8 लाख दर्शक देख चुके, अर्णब को सिर्फ 10 हजार, अंजना को 41 हजार। कई बौखलाए।

कुमार अनिल

कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन काले कृषि कानून वापस लिए और इसी के साथ गोदी पत्रकारों के दर्शक भाग खड़े हुए। कल रात नौ बजे एनडीटीवी पर रवीश कुमार का कार्यक्रम देखने लायक था। अगर आपने नहीं देखा है, तो यूट्यूब पर उपलब्ध है, आप देख सकते हैं। यूट्यूब पर रवीश कुमार के कल के कार्यक्रम को अबतक आठ लाख लोग देख चुके हैं। वहीं गोदी एंकरों के दर्शक भाग खड़े हुए हैं।

कल का दिन अर्णब गोस्वामी के लिए सबसे बुरा रहा। कल उनके प्राइम डिबेट को यूट्यूब पर अब तक केवल दस हजार लोगों ने देखा है। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को कवर करने अमेरिका तक पहुंचनेवाली अंजना ओम कश्यप के कल के कार्यक्रम को यूट्यूब पर अब तक 41 हजार लोगों ने देखा है। बाकी गोदी एंकरों को दस हजार से कम दर्शक मिले हैं। प्रधानमंत्री मोदी और हिंदुत्व के प्रचारक जी न्यूज के सुधीर चौधरी का कार्यक्रम का शीर्षक है-पत्रकारिता छोड़ने का वक्त आ गया है।पत्रकारिता छोड़ने पर सोशल मीडिया में लोग खूब तंज कस रहे हैं।

लेखक और प्रध्यापक प्रो. पुरुषोत्तम अग्रवाल ने कहा- कोई पत्रकारिता छोड़ रहा है कोई कह रहा है कि हजार का नोट भी वापस ले आओ। बड़ा दुख दे दीना है साहब ने मुसाहिबों को।

किसान आंदोलन ने न सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी को जमीन पर ला दिया है, बल्कि गोदी मीडिया के होश भी उड़ गए हैं। गोदी एंकर कल तक कृषि कानून के पक्ष में तर्क दे रहे थे, अब अचानक उन्हें गियर बदलने में परेशानी हो रही है। पत्रकार गुरुप्रीत गैरी वालिया ने ट्वीट किया-मोदी जी ने तो माफ़ी माँग ली , अब बिकाऊ मीडिया किसानो से माफ़ी कब माँगेगा। दलित-आदिवासी-अल्पसंख्यों के लिए काम करनेवाले सामाजिक कार्यकर्ता शाहिद खान ने कहा-एक बार उत्तर प्रदेश में हरा दो ये तो 500 , 1000 के पुराने वाले नोट भी वापिस चला देंगे।

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