बिहार में मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण कराने के चुनाव आयोग के निर्णय के खिलाफ आज इंडिया गठबंधन ने मोर्चा खोल दिया। गठबंधन के नेताओं ने अचानक बुलाई प्रेस वार्ता में कहा कि यह गरीबों का मताधिकार छीनने की साजिश है। प्रेस वार्चा में राजद नेता तेजस्वी यादव, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा, माले के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य सहित अन्य घटक दलों के नेता मौजूद थे।
तेजस्वी यादव ने कहा कि हर मतदाता को अपनी नागरिकता साबित करनी है। इसके लिए जो प्रमाणपत्र देना है उसमें आधार कार्ड तथा मनरेगा कार्ड को शामिल नहीं किया गया है। इससे लाखों गरीब मतदाता नहीं बन पाएंगे। फिर बाद में उनका राशन कार्ड भी रद्द कर दिया जाएगा।
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि यह सिर्फ एक वोट का सवाल नहीं है, बल्कि गरीबों के अधिकार, उनकी पहचान तथा नागरिकता पर हमला है। हर मतदाता को अपनी नागरिकता साबित करने के अलावा माता-पिता की नागरिकता भी साबित करनी है। गरीब ऐसे दस्तावेज कहां से लाएंगे।
कई नेताओं ने सवाल उठाया कि जिस मतदाता सूची पर लोकसभा का चुनाव हुआ, उसी पर विधानसभा का चुनाव क्यों नहीं हो सकता। फिर एक महीने में 8 करोड़ मतदाताओं का सत्यापन किस प्रकार संभव है। एक बड़ा परिवर्तन यह है कि पहले वोटर लिस्ट में नाम जोड़ना आयोग का काम था, अब पहली बार हर मतदाता को साबित करना होगा कि वह भारत का नागरिक है।