कांवड़ियों को दंगा करने से रोका, तो IPS चौधरी का योगी ने किया तबादला

कांवड़ियों को दंगा करने से रोका, तो IPS चौधरी का योगी ने किया तबादला

कांवड़ियों को दंगा करने से रोका, तो IPS चौधरी का योगी ने किया तबादला। SSP ने कहा, माहौल खराब करने की कोशिश हुई, जिसके बाद हल्का बल प्रयोग किया।

यूपी की योगी सरकार ने बरेली के एसएसी प्रभाकर चौधरी का तबादला कर दिया। उन्होंने कांवड़ियों को दंगा करने से रोका था। स्थिति को नियंत्रण में भी कर लिया था। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कांवड़िये तय रूट से जाने के बजाय नए रूट से जाना चाह रहे थे। इस रास्ते में अन्य वर्ग के लोग रहते हैं। उन्हें चार घंटे तक समझाने की कोशिश की गई। हमलोगों ने दूसरे पक्ष को समझा लिया, फिर इनसे बात करने आए, तो ये हंगामा करने लगे। अभद्रता करने लगे। इसके बाद शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए हल्का बल प्रयोग करके भीड़ को हटा दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी अगर गैर परंपरागत तरीके से, रास्ते से जुलूस निकालना चाहेगा, शांति भंग करना चाहेगा, तो हम कठोरता से कार्रवाई करेंगे। पुलिस लाठीचार्ज के महज कुछ घंटों के भीतर ही एसएसपी का तबादला कर दिया गया। सुनिए तबादला से पहले एसएसपी क्या कह रहे हैं-

दैनिक भास्कर की खबर के मुताबिक रविवार को कांवड़िए जोगी नवादा के रास्ते से DJ कांवड़ ले जा रहे थे। कांवड़ियों ने बारादरी में शाह नूरी मस्जिद के सामने से DJ वाहन को निकाला। यहां मुस्लिमों ने विरोध करते हुए कहा कि यह कांवड़ियों का रूट नहीं है, नई परंपरा शुरू की जा रही है। इसके बाद विवाद बढ़ गया और देखते ही देखते नारेबाजी शुरू हुई, तो तनाव बढ़ गया।

अखबार ने यह भी लिखा है कि रविवार को बारादरी के जोगी नवादा में जिस स्थान पर बवाल हुआ। इसी स्थान पर कांवड़ियों पर 23 जुलाई को भी पथराव हुआ था। जिसके बाद 4 घंटे तक कांवड़िए धरना प्रदर्शन पर रहे। पुलिस ने 25 जुलाई को बारादरी थाने में एफआईआर दर्ज की, जिसमें पुलिस ने कहा कि दोनों पक्षों से 250 लोगों ने पथराव किया। दोनों पक्षों पर ही एफआईआर की गई। जिसमें पुलिस ने एफआईआर में लिखा था कि शाह नूरी मस्जिद के सामने अज्ञात लोगों ने चूने जैसा सफेद पाउडर उड़ाया, जिसके बाद पथराव किया गया।

IPS प्रभाकर चौधरी का 13 साल की नौकरी में 21 बार तबादला हो चुका है। बरेली SSP के पद पर साढ़े चार महीने पहले पदास्थापन हुआ था। वे 2010 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उन्होंने पहले प्रयास में ही सिविल सेवा परीक्षा में सफलता पाई थी। उनकी छवि ईमानदार और काम करने वाले अफसर की है।