लोकसभा विपक्षमुक्त की तरफ, 33 सदस्य सस्पेंड, कुल 47 MP पर एक्शन

लोकसभा विपक्षमुक्त की तरफ, 33 सदस्य सस्पेंड, कुल 47 MP पर एक्शन

लोकसभा से 33 सदस्य सस्पेंड, अब तक 47 सांसदों पर एक्शन। कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी को भी किया सस्पेंड। विपक्ष ने कहा तानाशाही थोपी जा रही।

संसद की सुरक्षा में सेंध मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा गृहमंत्री अमित शाह से बयान की मांग करने वाले लोकसभा के 33 सदस्यों को सोमवार को सस्पेंड कर दिया गया। इससे पहले 14 सांसदों को सस्पेंड किया गया था। इस तरह संसद की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाने वाले 47 सांसदों पर अब तक कार्रवाई हो चुकी है। आज सिन सांसदों को सस्पेंड किया गया, उनमें कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी भी शामिल हैं। उधर पिछले हफ्ते जिन 14 सांसदों को सस्पेंड किया गया था, उनमें 13 सांसदों ने संसद की सीढ़ियों पर प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री मोदी से संसद की सुरक्ष में चूक पर बयान की मांग की। इनमें बिहार के किशनगंज से सांसद मो. जावेद भी शामिल थे।

कांग्रेस नेता अधीर रंजन के अलावा DMK के टीआर बालू तथा दयानिधि मारन, टीएमसी के सौगत राय को भी पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया है। इनके अलावा कल्याण बनर्जी, अपरूपा पोद्दार, प्रतिमा मंडल, काकोरी घोष दस्तीदार, शताब्दी रॉय, असीत कुमार, सुनील कुमार मंडल, प्रसून बनर्जी सभी टीएमसी, कौशलेंद्र कुमार, कांग्रेस के सुब्बू रमण, एंटो एंटनी, के मुरलीधरण, के सुरेश, अमर सिंह गौरन गोगोई तथा अन्य शामिल हैं।

अब तक 47 सांसदों को सस्पेंड किए जाने पर विपक्ष ने कहा कि देश पर तानाशाही थोपी जा रही है। कांग्रेस ने कहा कि एक बार फिर सदन में सवाल पूछने पर विपक्ष के सांसदों को सस्पेंड कर दिया गया है। ये है मोदी सरकार की तानाशाही। संसद की सुरक्षा में हुई चूक को लेकर विपक्ष के सांसद प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से जवाब मांग रहे हैं। लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सवाल पूछना विपक्ष का हक है और जवाब देना सरकार की जिम्मेदारी है। यह जनता की आवाज दबाने का एक दमनकारी रवैया है और हमारे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं, लड़ते रहेंगे। मोदी सरकार को जवाब देना ही होगा।

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