पारू : ‘हिंदू पुत्र’ संगठन ने मचाया उपद्रव, बोले माले विधायक महबूब

पारू : ‘हिंदू पुत्र’ संगठन ने मचाया उपद्रव, बोले माले विधायक महबूब

माले विधायक दल नेता महबूब आलम ने पारू से लौटकर कहा मस्जिद पर भगवा फहराने-उन्माद फैलाने के पीछे ‘हिंदू पुत्र’ संगठन है। BJP MLA की भूमिका पर भी सवाल।

आरएसएस-भाजपा द्वारा 10 अप्रैल को रामनवमी के बहाने राज्य में की गई हिंसा बेहद चिंताजनक है. अभी तक प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार मुजफ्फरपुर, दरभंगा, गया आदि जिलों से हिंसा की घटनाओं की खबरें मिली हैं. मुजफ्फरपुर के पारू प्रखंड के काजी मोहम्मदपुर गांव में हिंदु पुत्र संगठन की साजिश के तहत वहां की मस्जिद पर भगवा झंडा फहराने का दुस्साहस किया गया. जुलूस में शामिल लोग अपने हाथों में तलवार-बंदूक लिए हुए थे और प्रशासन द्वारा तय जुलूस के रास्ते को मनमाने ढंग से बदलकर मस्जिद की गली में घुस गए, मुस्लिम विरोधी नारे लगाए और मस्जिद के गेट पर भगवा झंडा फहरा दिया. इस पूरे साम्प्रदायिक हिंसक कृत्य के दौरान पुलिस पेट्रोलिंग पार्टी जुलूस के साथ चल रही थी. बाद में प्रशासन ने 18 लोगों पर एफआईआर किया जिसमें 5 लोगों को जेल भेजा गया है.

16 अप्रैल को माले विधायक दल के नेता महबूब आलम व फुलवारी विधायक गोपाल रविदास पारू पहुंचे. मुजफ्फरपुर से इंसाफ मंच के नेता का. आफताब आलम और का. असलम रहमानी भी टीम में शामिल थे. टीम ने जांच के दौरान पाया कि स्थानीय भाजपा विधायक राजू सिंह के कहने पर कई दंगाइयों का नाम एफआईआर में शामिल नहीं किया गया है. वे हिंदु पुत्र संगठन के संस्थापक और संरक्षक भी हैं. सभी दंगाई विधायक के गांव के ही हैं. इस कांड के मुख्य आरोपी हिन्दू पुत्र संगठन के प्रखण्ड अध्यक्ष ऋषभ ठाकुर की भी अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है. यह पूरा मामला भाजपा-आरएसएस व हिंदु पुत्र संगठनों द्वारा सुनियोजित साजिश का नतीजा है.

इसी जिले के कथैया थाना क्षेत्र के असवारी बंजरीया गांव की घटना है जहां रामनवमी की रात में 9 अप्रैल 2022 को कुछ हिन्दूवादी संगठन द्वारा ईदगाह के गुम्बद पर भगवा झंडा टांग दिया। जब सुबह में गांव के लोगों की नजर ईदगाह की गुम्बद पर टंगी हुए भगवा झंडे पर पड़ी तो गांव के लोगों ने कथैया थाना को पुरे घटनाक्रम की जानकारी दी गई जिसके बाद मुजफ्फरपुर एसएसपी, डीएसपी समेत कई थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई और ईदगाह की गुम्बद पर टंगे हुए भगवा झंडा को पुलिस द्वारा उतार दिया गया। लोग के आक्रोश को देखते हुए तीन लोगों को शक की आधार पर गिरफ्तार किया गया लेकिन दूसरे दिन ही यानी 11 अप्रैल को उन तीनों लोगों को थाने से ही छोड़ दिया गया.

दरभंगा जिले के घनश्यामपुर में दंगाइयों ने मुस्लिम समुदाय की आधा दर्जन दुकानों में तोड़-फोड़ की, सामान लूट लिए और पूरे इलाके में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण पैदा करने की कोशिश की. गया जिले के शेरघाटी में एक ई रिक्शा चालक नसीम शाह पर उनके धार्मिक पहचान को लेकर हमला किया गया. उन्हें जय श्रीराम का नारा लगाने के लिए बाध्य करते हुए बुरी तरह से पीटा गया. इस तरह की घटनायें राज्य के अन्य इलाकों में भी हुई हैं.

पर्व-त्योहारों को भाजपा-आरएसएस व अन्य दंगाई संगठनों द्वारा मुस्लिम विरोधी हिंसा का मंच बना देने और उनके नफरती अभियान के खिलाफ 18-19 अप्रैल को भाकपा-माले व इंसाफ मंच के बैनर से राज्यव्यापी विरोध दिवस आयोजित किया जाएगा.

माले की मांग- मुजफ्फरपुर के पारू में मस्जिद पर भगवा झंडा फहराने के मामले में स्थानीय भाजपा विधायक की भूमिका की जांच करो! सांप्रदायिक उन्माद फैलाने वाले संगठन हिंदु पुत्र की भूमिका की जांच कर कार्रवाई करो! पारू कांड के मुख्य अभियुक्त ऋषभ ठाकुर को अविलंब गिरफ्तार करो! दरभंगा के घनश्यामपुर में मुस्लिमों की दुकानों में तोड़-फोड़ करने वाले दंगाइयों पर कार्रवाई करो! घनश्यामपुर में जिनकी दुकानें तोड़ी गईं, उन्हें उचित मुआवजा प्रदान करो! शेरघाटी मे धार्मिक पहचान को लेकर नसीम शाह पर हमला करने वाले दंगाइयों पर कार्रवाई करो! पर्व-त्योहारों को मुस्लिम विरोधी हिंसा का मंच बनाने के खिलाफ उठ खड़े हों! नीतीश कुमार शर्म करो, अल्पसंख्यक प्रेम का ढोंग बंद करो! नीतीश कुमार शर्म करो, भाजपा के सामने आत्मसमर्पण करना बंद करो! सांप्रदायिक उन्माद फैलाने वाली ताकतों को सबक सिखाओ!

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