राजद के भीतर भी डोमिसाइल नीति का विरोध, पटना में प्रदर्शन

आंदोलनकारी शिक्षकों के पक्ष में पहली बार खुल कर बोला राजद

आंदोलनकारी शिक्षकों के पक्ष में पहली बार राजद के भीतर भी कई नेता दिखे। पटना में शिक्षक संगठनों तथा युवाओं का जोरदार प्रदर्शन। सड़क जाम।

पहली बार राजद के भीतर से शिक्षक भर्ती नियमावली में डोमियाइल नीति का विरोध उभरा है। पार्टी के कई नेता चाहते हैं कि उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव इस नीति पर फिर से विचार करें। मालूम हो कि बिहार सरकार को समर्थन दे रहे वाम दलों ने पहले ही शिक्षक भर्ती नियमावली में संशोधन का विरोध किया है, जिसके तहत शिक्षक भर्ती के लिए बिहार का निवासी होने की शर्त समाप्त कर दी गई थी। इससे अन्य राज्यों के युवाओं को मौका मिलता वहीं अपने बिहार प्रदेश के युवा शिक्षक बनने से वंचित रहे जाते।

राजद के कई नेताओं ने नाम नहीं प्रकाशित करने की शर्त पर कहा कि वे चाहते हैं कि मुख्यमंत्री @NitishKumar जी और उपमुख्यमंत्री @yadavtejashwi शिक्षक अभ्यर्थियों के असंतोष को देखते हुए शिक्षक भर्ती नियमावली में #डोमिसाइल_नीति पर पुनर्विचार करें। राजद के भीतर से उठी आवाज के बाद माना जा रहा है कि सरकार जरूर विचार करेगी तथा ऐसी व्यवस्था करेगी, जिसमें बिहार के अधिक से अधिक युवाओं को शिक्षक बनने का मौका मिल सके।

इस बीच कई शिक्षक संगठनों ने शनिवार को पटना में सरकार की नई डोमिसाइल नीति के खिलाफ प्रदर्शन किया। वे हजारों की संख्या में गांधी मैदान में जमा हुए तथा प्रदर्शन करने के लिए निकले। पुलिस ने उन्हें जेपी गोलंबर पर रोक दिया। यहां प्रदर्शनकारी शिक्षकों-युवाओं के साथ पुलिस की झड़प भी हुई। इसके बाद प्रदर्शनकारी किसी तरह डाक बंगला चौक पहुंच गए। लेकिन पुलिस ने यहां से उन्हें आगे बढ़ने नहीं दिया और खदेड़ दिया। इसके बाद प्रदर्शन बिखर गया। पुलिस ने छह प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, जिन्हें बाद में छोड़ दिए जाने की सूचना है।

आज के प्रदर्शन तथा वाम दलों और फिर राजद के कई नेताओं की इच्छा के बाद माना जा रहा है कि राज्य सरकार डोमिसाइल नीति पर विचार करेगी और उस संशोधन का वापस ले सकती है, जिसके तहत किसी भी राज्य के युवा के शिक्षक बनने की छूट मिलरही थी। सरकार फिर से शिक्षक बनने के लिए बिहार का निवासी होने की शर्त लागू कर सकती है।

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