‘अजीजपुर दंगाइयों को बचाने में जुटी है पुलिस’

आठ महीने पहले मुजफ्फरपुर के अजीजपुर में हुए साम्प्रदायिक दंगे के मुख्य अभियुक्त को बचाने की कोशिश हो रही है. इस दंगे में अल्पसंख्यक समाज के 20 घरों में आग लगा दी गयी थी जबकि 2 लोगों की हत्या कर आग में डाल दिया गया था.

Kashif yunus

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18 जनवरी 2015 को भड़के इस दंगे के बाद महीनों तक तनाव स्थिति बनी रही थी. समाज बचाओ आंदोलन के प्रमुख काशिफ युनूस का कहना है कि पुलिस के ढ़ीले रवैये के कारण अभी तक मुख्य अभियुक्त गिरफ्तार नहीं हुआ है.

गौरतलब है कि दंगे के कारण लोगों को इतना डराया गया था कि घटना के 15 दिनों तक एफआईआर भी दर्ज नहीं हो सकी थी. काशिफ का कहना है कि इस घटना के बाद समाज बचाओ आंदोलन और अन्य संगठनों के प्रयास के बाद ही एफआईआर होसी थी.

आंदोलन के नेता और पटना हाईकोर्ट के वकील काशिफ युनूस ने आरोप लगाया है कि इस दंगाइयों को लीड करने और आगजनी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले राम प्रवेश सहनी का नाम पुलिस सुपरविजन से हटाने का दुस्साहस कर सकती है. उन्होंने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि कुछ लोग लगतार इसके लिए पुलिस के सम्पर्क में हैं.

 

युनूस ने कहा है कि मुजफ्फरपुर के एसएसपी के ढ़ीले रवैये की खबर दंगा के दिन भी सामने आई थी. उस दिन लगातार आठ घंटे तक आगजनी, लूटपाट और हत्या व हिंसा का काम चलता रहा लेकिन पुलिस मौके पर नहीं गयी जबकि अजीजपुर से महज तीन किलोमीटर के फासले पर पुलिस थाना है. काशिफ युनूस ने कहा कि उनके संगठन को संदेह है कि मुजफ्फरपुर एसपी इस मामले से कई अभियुक्तों के नाम सुपरविजन के दौरान हटा सकते हैं इसलिए वहां के एसपी को फौरन हटा कर किसी साफ छवि के अफसर को वहां तैनात किया जाये

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