उषा-लालकेश्वर के कुकर्मों का फल बेटी-दामाद तो झेलेंगे पर इस मासूम नतनी का क्या होगा?

उषा-लालकेश्वर के पाप का घड़ा फूटा और अब उस पाप के लपेटे में उनके दामाद-बेटी का जीवन भी नर्क बनता जा रहा है लेकिन इस तस्वीर में इस मासूम बच्ची को देखिए जो अपने नाना-नानी की करतूतों के बारे में कुछ नहीं जानती पर उनके कुकर्मों का शिकार हो सकती है.vivek.ranjan

विनायक विजेता

कहा जाता रहा है कि ‘पैसे के आगे रिश्ते नहीं ठहरते।’टॉपर घोटाले में आरोपित बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के पूर्व अध्यक्ष लालकेश्वर प्रसाद सिंह व उनकी पूर्व विधायिका पत्नी उषा सिन्हा के मामले में यह कहावत चरितार्थ हो रही है। दोनों को रुपये कमाने का ऐसा धुन सवार हुआ कि इन दोनों ने अपनी बेटी व दामाद का भविष्य तो दांव पर लगाया ही कई रिश्तेदार भी लालकेश्वर के मकड़जाल में उलझ कर रह गए।

दानापुर रेल डिवीजन में इंजीनियर लालकेश्वर प्रसाद सिंह का इकलौता दामाद विवेक रंजन आज अपनी पत्नी और परी सी दिखने वाली मासूम बेटी को छोड़कर भूमिगत होने को बाध्य है। ऑपर घोटाला मामले में पटना पुलिस शिकारी की तरह अपने शिकार विवेक की तलाश में लगी है। विवेक मगध विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति अरुण कुमार का बेटा है। पुलिस को विश्वास है कि विवेक की गिरफ्तारी के बाद बोर्ड से छपाई के दिए गए टेंडर घोटाले मामले की तह तक भी पुलिस पहुंच जाएगी।

रेल मंत्रालय भी करेगा कार्रवाई

अपने कथित कारनामों में अपने दामाद को शामिल करने वाले लालकेश्वर और उषा सिन्हा ने अच्छे ओहदे पर कार्यरत अपने दामाद का भविष्य पूरी तरह चैपट कर दिया। सूत्रों के अनुसार अपने एक विभागीय इंजीनियर को आपराधिक मामले में शामिल होने और रेलवे से छुट्टी लेकर फरार होने के मामले को रेल मंत्रालय न भी गंभीरता से लिया है और जलद ही मंत्रालय विवेक पर विभागीय कार्रवाई कर उन्हें निलम्बित या सेवा से बर्खास्त कर सकता है।

कल्याण सिंह के करीबी हैं विवेक

बताया जाता है कि विवेक रंजन का यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह से काफी मधुर संबंध हैं। इसी संबंध के कारण उसके यूपी में भी छूपे होने की आशंका है। फिलवक्त विवेक ने अपना मोबाइल बंद कर रखा है जिसके कारण पुलिस को उसका लोकेशन नहीं मिल पा रहा। इस घोटाले के उजागर होने के बाद लालकेश्वर प्रसाद सिंह के रिश्तेदार भी आहत और खफा हैं।

लालकेश्वर के छोटे बेटे और बैंककर्मी राहुल राज के साले विकास चंद्रा उर्फ डब्ल्यू की गिरफ्तारी के बाद लालकेश्वर के नाते रिश्तेदार उनसे और चिढ़ गए हैं। गौरतलब है कि विकास की गिरफ्तारी के पूर्व विकास के एक रिश्तेदार प्रभात जायसवाल को वाराणसी से लालकेश्वर और उषा को संरक्षण देने के आरोप में इन दोनों के साथ ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

प्रभात यूपी का एक बड़ा शराब काराबारी है जिसे जेल भेजे जाने के बाद उसका कारोबार भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। एसआईटी की पूछताछ में विकास चंद्रा ने जिस तरह लालकेश्वर और उषा के खिलाफ जहर उगला वह भी संकेत दे रहा है कि लालकेश्वर और उनके रिश्तेदारों के बीच सबकुछ ठीक नहीं है

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