कस्ता जा रहा है बिल्डर अनिल सिंह पर पुलिस का शिकंजा

पिछले दिनों पटना के प्राइम लोकेशन भूमि विवाद में बिल्डर अनिल सिंह के ऊपर पुलिस का शिकंजा बढ़ता जा रहा है. इसबीच अनिल सिंह ने अग्रिम जमानत की याचिका दायर कर दी है.

अनिल सिंह ( फेसबुक फोटो)

अनिल सिंह ( फेसबुक फोटो)

विनायक विजेता

एक्जीविशन रोड स्थित राधा-कृष्ण मंदिर की जमीन पर कब्जा करने के उद्देश्य से वहां रहने वाले लोगों के साथ मारपीट में आरोपित किए गए पाटलिपुत्रा बिल्डर के फरार आरोपित अनिल कुमार ने मंगलवार को पटना के जिला जज की अदालत में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की है जिस याचिका पर बंधवार को सुनवाई होगी।

इधर फरार बिल्डर की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। पटना रेंज के डीआईजी शालीन ने अनिल पर पूर्व में दर्ज सभी मामले का ब्योरा संबधित थानेदारों से तलब किया है और सभी पूर्व और लंबित मामलों का स्वयं दुबारा रिव्यू करने का निर्णय लिया है।

 

डीआईजी के इस कठोर निर्णय के बाद फरार बिल्डर के समर्थको में हड़कंप मचा हुआ है। खासकर कोतवाली, एस के पुरी और गांधी मैदान थाना में अनिल सिंह पर जालसाजी, धोखाधड़ी, जमीन पर अवैध कब्जा का प्रयास और मारपीट सहित कई ऐसे संगीन मामले हैं जिसकी फाइलें बंद पड़ी हैं.

अनेक पुलिस अफसरों पर भी गिर सकती है गाज

अगर डीआईजी ने अनिल सिंह के सारे आपराधिक मामले की गंभीरता से जांच की तो कई जांच अधिकारी पर भी गाज गिर सकती है। वर्ष 2015 में स्थानीय प्राधिकार क्षेत्र भोजपुर-बक्सर से एमएलसी का निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले अनिल सिंह ने 18 जून 2015 को दिए गए अपने चुनावी शपथ पत्र में कई्र गलत जानकारियां चुनाव आयोग को तो दी ही कई तथ्य और सत्य को भी छुपाया है। शपथ पत्र में अनिल सिंह ने तब अपने उपर कुल 14 आपराधिक मामले दर्ज होने का शपथ दायर किया। इनमें चार मामले का विवरण तो है बाकी 10 मामलों में न तो कांड संख्या, न ही थाना का नाम और नही किसी कंप्लेंट केस का पूर्ण ब्योरा है। जबकि सत्यता यह है कि अनिल सिंह पर इससे अधिक और कई अन्य गंभीर मामले हैं जिन्हें शपथ पत्र में छुपाया गया।

 

इस वर्ष अनिल सिंह पर कोतवाली और गांधी मैदान थाना में अलग-अलग दो और आपराधिक मामले दर्ज हुए हैं। उनपर पहला मामला दिल्ली के एक ठेकेदार प्रेमचंद सिंह ने कोतवाली थाना में दर्ज कराया था जिसमें दिल्ली में दो फलैट की बुकिंग के नाम पर अनिल सिंह द्वारा 76 लाख रुपये हड़पने का आरोप है। गौरतलब है कि इसी मामले को लेकर जब पूर्व सांसद साधु यादव ने अपने मित्र प्रेमचंद सिंह के रुपये लौटाने के लिए अनिल सिंह पर दबाव बनाया तो उन्होंने कोतवाली थाना में साधु यादव पर 50 लाख रुपये रंगदारी मांगने की एक प्राथमिकी दर्ज करा दी।

दर्जनों मामले हैं अनिल सिंह पर

दूसरा मामला एक्जीविशन रोड स्थित राधा-कृष्ण मंदिर की जमीन पर कब्जा और मारपीट से संबंधित है जिसकी प्राथमिकी गांधी मैदान थाने में दर्ज की गई है।

। अनील सिंह ने अपने शपथ पत्र में अपनी कुल संपत्ति 5 करोड़ 95 लाख 18 हजार रुपये मुल्य के जबकि अपने ऊपर 13 लाख 35 हजार की लैबलिटी बतायी है जबकि उनकी सुंपत्ति इससे कइ्र गुणा ज्यादा है जिसे इडी ने भी अपने जांच में सही पाकर आय से अधिक संपत्ति रखने के जुर्म में अनिल सिंह पर मुकदमा दायर कर रखा है.

 

 

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