केंद्र की वजह से कई योजनाओं की राशि में कटौती: सिद्दकी

-विकास, गरीबी उन्मूलन व वित्तीय स्थायित्व बजट का मुख्य फोकस, तेजी से विकास करनेवाले राज्यों में बिहार शामिल

नौकरशाही डेस्क,पटना

सिद्दकी ने आरोप लगाया कि केंद्र की वजह से कई योजनाओं की राशि में कटौती हुई है

सिद्दकी ने आरोप लगाया कि केंद्र की वजह से कई योजनाओं की राशि में कटौती हुई है

वित्त मंत्री अब्दुल बारी सिद्दकी ने आरोप लगाया कि केंद्र की वजह से कई योजनाओं की राशि में कटौती हुई है. उन्होंने कहा कि केंद्र ने कई योजनाओं की राशि में कटौती की है. इसके बावजूद तेजी से विकास करनेवाले राज्यों में बिहार भी शामिल है. उन्होंने बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने के लिए सभी दलों को एकमत होकर केंद्र पर दबाव बनाने का आग्रह किया. फडिंग पैटर्न के बदलाव पर भी एकजुट होकर प्रधानमंत्री व वित्त मंत्री से मिलने की बात कही. विधान परिषद में विनियोग विधेयक संख्या 2 विधेयक व सामान्य वाद -विवाद के बाद वित्त मंत्री अब्दुल बारी सिद्दकी जवाब दे रहे थे. इससे पहले जदयू के रामवचन राय व नेता प्रतिपक्ष सुशील मोदी चर्चा में शामिल हुए. नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के सात निश्चय योजना का काम नहीं हो रहा है. पंचायतों को राशि नहीं मिलने से मुख्यमंत्री पेयजल निश्चय योजना व गली-नली पक्कीकरण का काम बाधित है. उन्होंने कहा कि ऊर्जा विभाग के बजट में कटौती हुई है. केंद्र द्वारा 2016-17 में बीआरजीएफ में 5600 करोड़ की जगह मात्र 1329 करोड़ प्राप्त हुआ. 2017-18 में 2600 करोड़ प्राप्त होने का अनुमान है. इस वजह से ऊर्जा विभाग के बजट में कटौती हुयी है. इसके अलावा पर्यटन, स्वास्थ्य सहित अन्य कुछ विभाग में कटौती हुई है.
विकास, गरीबी उन्मूलन व स्थायित्व राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य
उन्होंने कहा कि विकास, गरीबी उन्मूलन व स्थायित्व राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य है. विकास दर में राष्ट्रीय औसत से अधिक है. विधि व्यवस्था के मामले में दिल्ली, पंजाब, मध्यप्रदेश व हरियाणा से बेहतर है. कृषि सरकार की प्राथमिकता में शामिल है. कृषि आधारित उद्योग के विकसित होने से गांव विकसित होगा. सत्ता में आने पर सभी को समभाव से देखना चाहिए. इसलिए अल्पसंख्यकों के विकास के लिए बजट राशि में बढ़ोतरी की गयी है. उन्होंने विपक्ष पर चुटकी लेते हुए कहा कि केंद्र के द्वारा किये गये वादे पूरा नहीं हो रहा है. नोटबंदी से कितने पुराने नोट जमा हुए व कितना काला धन मिला इसकी जानकारी सभी राज्यों व देश के लोगों को होनी चाहिए.

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