खाकी लिबास का सत्य

नवल शर्मा के बालमन में आरएसएस के कार्यकताओं के प्रति कौतुहल मिश्रित आकर्षण था. जब वह बड़े हुए तो यह आकर्षण आखिर खत्म क्यों हो गया? पढ़िये उनके  अनछए अनुभवों को.
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बचपन में खाकी हाफ पैंट पहने आरएसएस के कार्यकर्ता मेरे बालमन में बड़ा कौतुहलमिश्रित आकर्षण पैदा करते थे . उनका अनुशासन , बातचीत करने का सभ्य तरीका , सबके नाम में जी लगाकर बुलाना, हिन्दू संस्कृति की दुहाई देना , नमस्ते सदा वत्सले का ओंकार जाप करना, कई सारी बातें.

जब मैं कॉलिज आजा

पर जब सयाने हुए , कॉलेज  आये और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने लगा तो इतिहास की गंभीर किस्म की पुस्तकों से पाला पड़ने लगा. जैसे जैसे अध्ययन गहरे होते गये , खाकी लिबास के भीतर का वो अनुशासित सत्य एकदम से बजबजाते हुए सामने आने लगा. अरे ये क्या ! आरएसएस तो एक ऑक्टोपस जैसा है जिसके विश्व हिन्दू परिषद् और बजरंग दल जैसे कई बाहु हैं. चाहे योगी ( आदित्यनाथ ) हो या भोगी (आसाराम) सब इसी की उपज हैं. ये कैसे योगी हैं भाई ! हमने तो तुलसीदास को कहते हुए पढ़ा था कि ‘’ माँग के खईबो , मस्जिद में सोइबो ‘’ और ये नए वाले योगी बोल रहे हैं कि ‘’ मुसलमानों देश छोड़ो ‘’..ये कैसी संतई है भाई !

 कबीर की आखों से

क्या मेरे राम को दूसरों की मस्जिद तोड़कर बनने वाले भव्य मंदिर में नींद आएगी ? किसका मंदिर , किसकी मस्जिद? कबीर से बड़ा कोई संत हुआ है क्या -‘’ ना मैं मंदिर , ना मैं मस्जिद , ना काबेकैलाश में ‘’ तो फिर ये लफड़ा क्यों? मैं भी पूरी तरह एक सनातनी और एक हद तक कर्मकांडी हिन्दू हूँ पर मेरे मानस में ऋग्वेद के प्रति वही गर्व है जो कुरान और हदीस की महान परम्पराओं और ईसा के पर्वतीय वचनों के प्रति है.

नांदेड में संघ का एक कार्यकर्ता था जिसका नाम था –राजकोंडवार. उसके घर में बम बनाते समय बम का विस्फोट हो गया जिसमें बजरंग दल का दो कार्यकर्ता भी मारा गया जो बम बनाने में शामिल था. पुलिस वहां पहुंची. जानते हैं पुलिस को वहां से क्या मिला ? नकली मुसलमानी दाढ़ी, शेरवानी , और कुर्ता – पायजामा!

 

खैर , बात हो रही थी आरएसएस की. दुष्प्रचार किया जाता है कि आरएसएस की स्थापना हिन्दू संस्कृति की रक्षा के लिए हुई थी , पर जब हम पढ़े तो अलग सत्य ही सामने आया . इसकी स्थापना तो अंग्रेजों के शह पर हुई थी ताकि अंग्रेज अपने विरुद्ध चल रहे राष्ट्रीय आन्दोलन में इनका इस्तेमाल अपने लिए कर सकें. और जानते हैं , आरएसएस का उस गुलामी के दौर में भी मानना था कि भारत को अंग्रेजों से नहीं मुस्लिमों से मुक्ति चाहिए. देखिये इनका राष्ट्रवाद !

भारत को आजाद कराने के संघर्ष में कई भगत और सुखदेव बलि चढ़ गए पर आरएसएस का एक भी नेता कभी जेल नहीं गया. हाय रे राष्ट्रवादी ! यही तो इसकी खासियत है. इसके अनुशासित प्रदर्शन और शारीरिक व्यायाम को देखकर और उनके भावनात्मक बौद्धिक प्रवचन सुनकर हर कोई मान लेता है कि भाई आरएसएस एक निरीह संगठन है और यह हिन्दू संस्कृति के लिए लड़ रहा है.

इस पाखंडपूर्ण विनम्रता और अनुशासन से पढ़े-लिखे समझदार लोग तक धोखा खा जाते हैं। अगर विश्वास न हो तो देखिएगा मेरे फेसबुक वाल पर पढ़े लिखे लोग कैसी कैसी प्रतिक्रिया देते हैं.लेकिन सच बात तो यह है कि, विनम्रतापूर्वक नमस्ते सदा वत्सले कहनेवाले वाले हाथों को अपने से असहमत व्यक्तियों की पीठ में छुरा भोंकने की ट्रेनिंग भी ये साथ साथ देते हैं।

अब जरा इनके काम करने के तरीके पर थोडा सा गौर फरमाइए .मालेगांव , अजमेरशरीफ और मक्का मस्जिद बम विस्फोट जैसी घटनाओं के ब्योरे में गए बिना एक छोटा सा उदाहरण – नांदेड में संघ का एक कार्यकर्ता था जिसका नाम था –राजकोंडवार. उसके घर में बम बनाते समय बम का विस्फोट हो गया जिसमें बजरंग दल का दो कार्यकर्ता भी मारा गया जो बम बनाने में शामिल था. पुलिस वहां पहुंची. जानते हैं पुलिस को वहां से क्या मिला ? नकली मुसलमानी दाढ़ी, शेरवानी , और कुर्ता – पायजामा!

.अब बताइए , ये लोग आपको हिन्दू बना रहे हैं या बेवकूफ ?
छोड़ दीजिये गांधी की हत्या के अध्याय को, पर धर्म के नाम पर भ्रमित मत होइए .बिहार में भी ये जगह – जगह फ़ैल चुके हैं . कभी धर्मान्तरण तो कभी हिन्दू राष्ट्र के नाम पर आपको भड़काने का प्रयास किया जाएगा. कई तरह की नयी – नयी अफवाहें आपको सुनने को मिलेंगी –पर इनका मंसूबा सफल नहीं होने देना है . इनको आपके धर्म से मतलब नहीं है.न हो विश्वास तो इनसे पूछ कर देखिये कि ‘’भाई रामजी के तो ढेर मंदिर हैं और अल्लाह के लिए भी मस्जिदों की भरमार है —-क्यों न अयोध्या में भव्य मंदिर या मस्जिद के बजाय एक भव्य अस्पताल बना दिया जाए ‘’.देखिएगा ये कैसे भड़क जायेंगे और आपको विधर्मी और कुकर्मी , न जाने क्या क्या बोलने लगेंगे.कारण स्पष्ट है, इनकी सियासी दुकानदारी का शटर बंद हो जायेगा भाई ! हिन्दू हैं तो हिन्दू होने का मर्म समझिये!

नवल शर्मा एक राजनीतिक कार्यकर्ता से ज्यादा राजनीतिक चिंतक के रूप में जाने जाते हैं. अपने मौलिक और बेबाक विचारों, टिपपणियों के लिए मशहूर नवल शर्मा अकसर न्यूज चैनलों पर बहस करते हुए दिख जाते हैं.  वह जनता दल यू के प्रदेश प्रवक्ता रह चुके हैं. उनसे  nawalsharma.patna@gmail.com पर सम्पर्क किया जा सकता है.

Naval Sharma

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