जनता परिवार:धरने की तीन उपलब्धियां

जंतरमंतर पर जनता परिवार की ललकार को मम्ता बनर्जी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी कि हिमायत से एक नयी संभावना को बल मिला है. मोदी के तूफान से निराश हो चुके विपक्ष में पहली बार उत्साह और जोश तो दिखा ही, अब गैर कांग्रीसी विपक्ष ने एक हो कर आक्रमण करने के मुद्दे भी तलाश लिये हैं.dharna.final

त्वरित तौर पर इस धरने के तीन प्रभाव गिनाते हुए जद यू के प्रवक्त नीरज कुमार ने दिल्ली से नौकरशाही डॉट इन को बताया कि इस धरने ने निरुत्साहित विपक्ष को एक नयी ऊर्जा दी है. पार्लियामेंट के अंदर तो अब तक जनता परिवार मुद्दों से सरकार को घेरती आयी है लेकिन यह पहली बार हुआ है कि विपक्ष ने एक आवाज में दिल्ली के सिंहासन को ललकारा है और दिल्ली के पास इस ललकार का कोई जवाब नहीं है.

 

उन्होंने कहा कि जनता परिवार के एकीकरण की शुरुआत हो चुकी है और मौजूदा राजनीतिक हालात में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटना के रूप में रेखांकित की जायेगी.  जनता परिवार का एकीकरण, अन्य विपक्षी पार्टियों की हिमायत और बेजान व हतोत्साहित विपक्ष में नयी और आक्रामक ऊर्जा का संचार होना बड़ी बात है.

अब अगले कदम के रूप में फिलाहल जनता दल यू और राष्ट्रीय जनता दल एक होंगे, ऐसे संकेत सप्ष्ट हैं. चूंकि अभी उत्तर प्रदेश में 2017 में चुनाव होना है इसलिए वहां कोई जल्दबाजी नहीं है. लेकिन बिहार में ग्यारह माह में चुनाव होने हैं इसलिए उसकी तैयारी लालू प्रसाद और नीतीश कुमार शुरू कर दी है. दोनों पार्टियों के विलय का सबसे बड़ा लाभ यह मिलेगा कि इससे सीटों के बंटवारे का झंझट खत्म होगा और वोटों के बिखराव की संभावना खत्म होगी.

खबर है कि दिल्ली में ही शरद यादव, लालू प्रसाद और नीती कुमार सरीखे टॉप लीडर इस मुद्दे पर आखिरी स्वरूप पर चर्चा करेंगे और जल्द ही इसके नतीजे सामने आयेंगे.

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