जानिये, मिसेज यूनाइटेड नेशन 2018 की फर्स्‍ट रनर अप बनने वाली बिहार की बहू फराह अनवर को 

22 से 26 अगस्‍त 2018 को कनाडा के टोरंटो में आयोजित यूनाइटेड नेशन इंटरनेशनल पीजेंट में मिसेज यूनाइटेड नेशन 2018 में बिहार की बहू फराह अनवर फर्स्‍ट रनर अप रही हैं. यह बिहार के लिए गौरवान्वित करने वाला क्षण है. फराह इस प्रतियोगिता में संयुक्त राज्य अमेरिका,  चीन, कनाडा, सिंगापुर समेत 26 देश के प्रतिभागी के साथ पार्टिसिपेट कर रहीं थी. मूलत: भोपाल से आने वाली फराह बिहार सरकार के पूर्व मंत्री अखलाख अहमद के बेटे दानिश अहमद खान की पत्‍नी हैं.

नौकरशाही फीचर डेस्‍क

मालूम हो कि फराह को इसी साल पुणे में आयोजित एक ब्‍यूटी पीजेंट में मिसेज एशिया का खिताब भी मिल चुका है. इस ब्‍यूटी पीजेंट में फराह एशिया को रिप्रजेंट कर रही थीं. इस पीजेंट के लिए उनकी सिफारिश दिवा पीजेंट के ओनर अंजना मस्करनहस और कार्ल मस्करनहस ने की थी. अंजना और कार्ल इंडिया के जानेमाने पीजेंट ग्रूमर है.

इससे पहले भी फराह ने 2016 में एलिट मिसेज इंडिया का क्राउन जीत कर बता दिया था कि बिहार की बहू किसी से कम नहीं है और अगर सोच, लगन और आसमान को छूने का जज्‍बा सच्‍चा हो, तो मंजिल को पाना कठिन नहीं है. वहीं, मिसेज यूनाइटेड नेशन 2018 की फर्स्‍ट रनर बनने के बाद फराह ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि मेरी ताकत मेरा एक साल का बेटा जिदान और मेरे पति दानिश अहमद खान हैं. इसके अलावा मेरे माता – पिता मेरे लिए बेहद खास हैं.

उन्‍होंने कहा कि सबों ने मुझे अपने सपने को जीने में मेरी पूरी मदद की है. तभी मैं आज वर्ल्‍ड में बिहार को रिप्रजेंट कर रही हूं. मेरे मॉ‍डलिंग करियर में माता – पिता और पति के अलावा भी कई लोगों ने सपोर्ट किया है, जिसके प्रति मैं आभारी हूं. इन लोगों ने मेरे हर अच्‍छे – बुरे वक्‍त में मेरा साथ दिया है.   

बता दें कि फराह एक कुशल गृहणी के साथ – साथ एक सशक्‍त कॉरपोरेट महिला भी हैं. उनकी स्‍कूलिंग और कॉलेज भोपाल भोपाल में हुई. उसके बाद उन्‍होंने ने पुणे से एमबीए किया और फिर मॉडलिंग को अपना करियर बनाया. फराह 2016 में ही मिस पुणे ब्‍यूटी पीजेंट की फर्स्‍ट रनर अप भी रह चुकी हैं. लेकिन साल 2018 उनके लिए अब तक खास रहा जब उन्‍होंने ग्‍लोबली दो बड़े ब्‍यूटी पीजेंट को अपने नाम कर न सिर्फ अपने परिवार को गौरवान्वित किया, बल्कि बिहार का नाम भी रौशन किया.

फराह बतौर बिजनेस वुमन अब तक कोका कोला, ब्रिटिश पेट्रोलियम, कमिन्स जैसे दुनिया की सबसे बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ काम कर खुद को साबित तो किया ही हैं. साथ ही वे चैरिटी वे सामाजिक बेहतरी के कामों में भी बढ़ चढ़ कर भाग लेती रहती हैं. गर्ल चाइल्ड एजुकेशन एंड रिहैबिलिटेशन के लिए स्‍माइल फाउंडेशन के सहयोग से 50000 यूएस डॉलर जमा करना उनका फ्यूचर प्‍लान है. फराह सोशल मीडिया पर भी खूब एक्टिव रहती हैं, जहां उनको 10000 महिलांए फॉलो करती हैं.

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