‘मन की बात’ करते हुए पीएम ने कहा – आस्‍था के नाम पर हिंसा बर्दाश्‍त नहीं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में में हरियाण हिंसा पर दुख जताते हुए कहा कि संप्रदाय, धर्म या व्‍यक्ति के नाम पर आस्‍था के आधार पर हिंसा की इजाजत नहीं दी जा सकती। कानून हाथ में लेने का इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती। हर व्‍यक्ति को कानून का पालन करना होगा।

नौकरशाही डेस्‍क

पीएम ने ये भी कहा कि हमारा देश अहिंसा परमो धर्म: को मानने वाला देश है। यह महात्‍मा गांधी और सरदार पटेल का देश है। बाबा साहेब के बनाए संविधान के अनुसार ही देश चल सकता है. ऐसे में कोई भी कानून से ऊपर नहीं हो सकता। गौरतलब है कि शुक्रवार को बाबा राम रहीम पर सीबीआई के फैसले के बाद पांच राज्‍यों में हिंसा भड़क उठी थी,के बाद भड़की हिंसा में 30 लोगों की मौत हो गई थी और सैकड़ों लोग घायल हुए थे।

इससे पहले ‘मन की बात’ कार्यक्रम में पीएम नरेंद्र मोदी ने गणपति उत्‍सव और केरल में आने वाले ओणम उत्‍सव की देशवासियों को बधाई दी. उन्‍होंने कहा कि त्‍योहारों के लिहाज से पर्यावरण पर ध्‍यान देना जरूरी है। उसी संदर्भ में कहा कि लोग ईको-फ्रेंडली गणपति उत्‍सव मना रहे हैं। ऐसे में स्‍वच्‍छता अभियान को इन त्‍योहारों को जोड़ना चाहिए।

पीएम मोदी ने गुजरात और बिहार में बाढ़ व उसके बाद उपजे हालात पर चिंता जाहिर की। उन्‍होंने गुजरात में जमायत-उलेमा-ए-हिंद के कार्यकर्ताओं की तारीफ करते हुए कहा कि इन लोगों ने बाढ़ की विभीषिका से निपटने में उत्‍तम काम किया है। इन कार्यकर्ताओं ने गुजरात के धनेरा में बाढ़ से प्रभावित 22 मंदिरों और तीन मस्जिदों को फिर से साफ-सुथरा और स्‍वच्‍छ बनाया।  इसके अलावा भी पीएम ने अपने मन की कई बातें कही।

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