समाज को बेहतर बनाने में करें विवेक और कौशल का इस्‍तेमाल

राज्यपाल राम नाथ कोविंद ने शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक क्षमताओं का समन्वित विकास और राष्ट्रीय आदर्शों के अनुरूप चरित्र का निर्माण है।ram

 

 

श्री कोविंद ने पटना में आयोजित समारोह कहा कि वर्तमान सदी ज्ञान एवं तकनीक आधारित सदी है। हर एक इंसान को आज इतना ज्ञान और तकनीकी कौशल पाने का अवसर जरूर मिलना चाहिए कि वो अपने विवेक और कौशल से समाज को बेहतर बनाने में सहयोग दे सके। शिक्षण संस्थानों को महज सामान्य शिक्षा देने के बजाय, एक ऐसे ज्ञान का केन्द्र बनने की ओर अग्रसर होना चाहिए, जहाँ हमारे छात्र शोध कार्यो में में भी अव्वल आ सके। राज्यपाल ने कहा कि आज के सामाजिक परिवेश में युवाओं को इतना दूरदर्शी और कर्मठ बनना है कि आने वाले वक्त में परिवर्तन की धार को वे एक सकारात्मक दिशा दे सकें। देश की युवा शक्ति ही इस महान देश को बुलंदियो के शिखर पर ले जा सकती है।

 

श्री कोविंद ने कहा कि देश-काल के साथ-साथ, उच्च शिक्षा ने भी एक लंबा सफर तय किया है। वैश्विक अपेक्षाओं तथा चुनौतियों का सामना आज शिक्षा-व्यवस्था को करना पड़ रहा है। शिक्षा का उद्देश्य शारीरिक, मानसिक तथा आध्यात्मिक क्षमताओं का समन्वित विकास तथा राष्ट्रीय आदर्शों के अनुरूप चरित्र का निर्माण है। साथ ही उसे दुनियाँ की जरूरतों के अनुरूप भी खरा उतरना है और गुणवत्तापूर्ण बनना है।

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