सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता जरूरी

पटना प्रमंडलीय सूचना एवं जन-सम्पर्क कार्यालय के तत्‍वावधान में आयोजित विचार संगोष्ठी में वरिष्ठ पत्रकारों तथा पत्रकारिता के छात्रों ने सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता के विभिन्न आयामों और मीडिया की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की।  संगोष्ठी को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार मणिकान्त ठाकुर ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता से अनेक प्रकार की गलत फहमियाँ दूर हो जाती है, क्योंकि किसी व्यक्ति के मन में आने वाले सवालों के जवाब स्वतः मिल जाते हैं। उन्होंने कहा कि गोपनीयता तब जरूरी है, जब वह सार्वजनिक हित और राष्ट्रहित में हो।press

 

मीडिया की भूमिका पर संगोष्‍ठी

 

भारतीय व्यापार प्रबंधन संस्थान के महानिदेशक उत्‍त्‍म कुमार सिंह ने अपने संबोधन में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर अन्ना हजारे के नेतृत्व में चलाए गए आन्दोलन और दिल्ली में बलात्कार की शिकार दामिनी के मामले को राष्ट्रीय मुद्दा बनाए जाने में मीडिया की भूमिका की चर्चा करते हुए सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता लाने में मीडिया के बहुआयामी योगदान पर प्रकाश डाला।

 

अखिल भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ के पूर्व मंत्री श्री चन्द्रशेखरम् ने पत्रकारिता के इतिहास पर विहंगम दृष्टि डालते हुए सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता के संदर्भ में मीडिया के समक्ष आने वाली चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की।  संगोष्ठी के प्रारंभ में सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग के प्रमंडलीय उप निदेशक केके उपाध्याय ने आगत अतिथियों का स्वागत किया। विषय-प्रवर्तन करते हुए उन्होंने कहा कि हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था सजग, निष्पक्ष और सक्रिय मीडिया की हिमायती रही है, तथा प्रिन्ट मीडिया से संबंधित मामलों के लिए भारतीय प्रेस परिषद् विधिवत्  गठित और कार्यरत है। इस मौके पर कई वरीय पत्रकार व पत्रकारिता के छात्र मौजूद थे।

 

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