आनंद गिरि : धर्म के नाम धंधा, अय्यासी में खर्च हुआ चढ़ावा

आनंद गिरि : धर्म के नाम धंधा, अय्यासी में खर्च हुआ चढ़ावा

महंत नरेंद्र गिरि के प्रमुख चेले आनंद गिरि को महंगी गाड़ियों, विदेश घूमने का शौक है। उसकी कई तस्वीरें वायरल हैं। धर्म के नाम पर चंदे का उपयोग देखिए।

कुमार अनिल

आप भगवान के नाम पर चढ़ावा चढ़ाते हैं। रुपया-पैसा से लेकर जमीन तक दान कर देते हैं। इन चढ़ावों के कारण मठों के पास बेहिसाब संपत्ति जमा है।

कोरोना की दूसरी लहर में जब लोग दवा-ऑक्सीजन के लिए तरस रहे थे, तब आपका दिया चंदा कहीं किसी की मदद में लगता नहीं दिखा। अब दिख रहा है कि किस प्रकार महंत नरेंद्र गिरि के प्रिय चेले आनंद गिरि आपके चंदे का इस्तेमाल अपनी अय्याशी में करता था।

आनंद गिरि ऑस्ट्रेलिया में जेल भी जा चुका है। उस पर महिला के साथ छेड़छाड़ का आरोप था। सोशल मीडिया पर उसकी कई तस्वीरें वायरल हैं। किसी में वह कोई कीमती मोटरसाइकिल का हैंडल छोड़कर चला रहा है, कहीं किसी कार से निकल कर हवा में हाथ फैलाए है। विदेशों में महंगे होटलों और टूरिस्ट प्लेस पर घूम रहा है। वह फेसबुक पर अपनी तस्वीरें डाला करता था।

हद तो यह है कि किसी ने उससे आजतक न पूछा कि आप जो ये पैसे उड़ा रहे हैं, ये आते कहां से हैं। किसी ने नहीं कहा कि इस तरह धर्म के नाम पर मिले चंदे को उड़ाना पाप है। इसके विपरीत बड़े-बड़े मंत्री आनंद गिरि के आगे सिर झुकाे खड़े हैं। एक चित्र में केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह भी आनंद के आगे सिर झुकाए खड़े हैं।

धर्म के नाम पर दिया चंदा न लॉकडाउन में पैदल चल रहे हजारों मजदूरों की मदद में दिखा और न ही किसी गरीब को कोरोना की दवा खरीदने में सहयोग करते।

पत्रकार रणनिजय सिंह ने गिरि की चार तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा-आनंद गिरि की कुछ तस्वीरें. बाबा आनंद को महंगी गाड़ियों का खूब शौक है। हर कुछ दिन में खबरें छपती रही हैं। साथ ही लाइफस्टाइल भी किसी राजा बाबू से कम नहीं। पत्रकार अजीत अंजुम ने लिखा-ये सब अय्याशी के लिए ही बाबागीरी करते हैं। भक्तों को लूटते हैं .भगवान के नाम पर धंधा करते हैं। मठ और महंत इनके नकाब हैं।

पत्रकार पंकज चतुर्वेदी ने लिखा-पजेरो से ले कर 500 सीसी की बुलेट तक 10 करोड़ की गाडियों में चलने वाले संतों से पूछ लो, यह माल कहां से आया? किसान से तो बहुत पूछ रहे थे कि पूड़ी सब्जी कैसे आ रही है? एसी में क्यों लेते हो??

नल जल योजना : उपमुख्यमंत्री की पतोहू को ठेका, हुआ विवाद

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*