पार्लियामेंटरी समिट में सुशील मोदी के भाषण पर भड़के राजद विधायक, तेजस्‍वी ने भी साधा निशाना

राजधानी पटना में पहली बार आयोजित हो रहे छठे कॉमनवेल्थ पार्लियामेंटरी समिट में 52 देशों के रिप्रेजेंटेटिव के सामने राजद विधायकों ने जमकर हंगामा किया. हंगामा डिप्टी सीएम सुशील मोदी के भाषण के दौरान हुआ, जब वे भ्रष्‍टाचार के खिलाफ उन्‍होंने बोलना शुरू किया. वहीं, राजद नेता तेजस्‍वी यादव ने भी इस मामले में सुमो पर हमला बोला. 

नौकरशाही डेस्‍क

बता दें कि छठे कॉमनवेल्थ पार्लियामेंटरी समिट की शुरूआत आज से पटना के ज्ञान भवन में हुई, जिसमें 52 देशों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं. इस समिट को संबोधित करते हुए जब बिहार के उपमुख्‍यमंत्री सुशील मोदी ने कहा कि भारत में करप्शन के खिलाफ एक्शन लिया जा रहा है. केंद्र की भाजपा और राज्य सरकार इस मामले में मिलकर काम कर रही हैं. इसका नतीजा है कि भ्रष्टाचार के मामले में 4 पूर्व मुख्यमंत्री जेल में बंद हैं. इस पर राजद विधायक ने आपत्ति जताई और जमकर बवाल काटा. हालांकि उन्‍हें शांत कराने की कोशिश लोकसभा की स्‍पीकर सुमित्रा महाजन ने की, मगर फिर भी वे नहीं मानें.

उधर, तेजस्‍वी यादव ने मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार और सुशील कुमार मोदी से माफी मांगने की बात कर कहा कि राष्ट्रमंडल संसदीय संघ के भारत प्रक्षेत्र के सम्मेलन में पहुंचे जनप्रतिनिधियों का बिहार की पावन भूमि पर स्वागत करता हूं. इस सम्मेलन में नेता प्रतिपक्ष की हैसियत से शामिल होने को लेकर उत्साहित था, लेकिन शहीद मोज़ाहिद के प्रति उमड़ रही जनभावनाओं का आदर करते हुए आज भोजपुर जा रहा हूं. राष्ट्रमंडल संसदीय संघ सम्मेलन, पटना में दागियों के सरगना सुशील मोदी ने 52 देशों के प्रतिनिधियों के सामने बिहार को कलंकित करने का घृणित कृत्य किया है. बिहार के सबसे बड़े फ़ोर ट्वेंटी भाजपाई नेता सुशील मोदी ख़ुद अनेकों मामलों में दाग़ी है. ये सबसे बड़े घोटालेबाज़ है.

तेजस्‍वी ने ट्विटर के जरिये कहा कि अल्प ज्ञानी सुशील मोदी ने राष्ट्रमंडल संसदीय संघ सम्मेलन में यह क्यों नहीं बताया की बिहार के मुख्यमंत्री पर संगीन हत्या का मामला दर्ज है ? मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक JNU छात्र की थीसिस चुराने के आरोप में सज़ायाफता है. बिहार की मंत्रिपरिषद में 75 फ़ीसदी मंत्री दाग़ी है. सुशील मोदी ने यह क्यों नहीं बताया कि नीतीश के नेतृत्व में बिहार मे रिकॉर्डतोड़ 40 घोटाले हुए है? यह क्यों नहीं बताया की उनकी बहन और उन्होंने सृजन घोटाले का करोड़ों निगल लिया. अपना काला भ्रष्टाचार छिपाने के लिए सुशील मोदी ने इस मंच का प्रयोग किया. चोरों का चोर ईमानदारी बतिया रहा है. सुशील मोदी को संसदीय प्रणाली तार-तार करने के लिए माफ़ी माँगनी चाहिए.  मुख्यमंत्री से मौनी बाबा बने नीतीश कुमार जी को भी इस घटना पर मुँह खोलना चाहिए कि क्या मजबूरी है कि उन्होंने ऐसे तर्कहीन गालीबाज़ व्यक्ति को उपमुख्यमंत्री बना रखा है?

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