DGP गुप्तेश्वर पांडेय का इस्तीफा गैर कानूनी, अदालत में चुनौती की तयारी

DGP गुप्तेश्वर पांडेय का इस्तीफा गैर कानूनी, अदालत में चुनौती की तयारी

शाहबाज़ की विशेष रिपोर्ट

बिहार के पूर्व DGP गुप्तेश्वर पांडेय (Gupteshwar Pandey) ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (VRS) लेकर पद छोड़ दिया है अब उनके राजनीति में आने के कयास लगाए जा रहे है.

बता दें कि बिहार में कुछ समय बाद ही चुनाव होने वाले है. गुप्तेश्वर पांडेय के आईपीएस से इस्तीफा देकर राजनीति में आने की चर्चाएं काफी दिनों से चल रही थी. बिहार के पूर्व डीजीपी ने वॉलेंटरी रिटायरमेंट स्कीम के तहत अपना पद छोड़ दिया है। वीआरएस लेने के बाद बिहार के पूर्व डीजीपी के बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने की चचाएं ज़ोरो पर है.

बिहार के पूर्व DGP (Director General of Police) गुप्तेश्वर पांडेय ने रिटायरमेंट से 5 महीने पहले स्वैच्छिक सेवनिर्विरति (VRS) लेने के बाद कहा कि “मेरे ऊपर कई लोग हमलावर हो गए हैं, लेकिन कोई यह बताए कि मैंने डीजीपी रहते क्या अनैतिक किया है. अब मैं फ्री हो गया हूं और अब तय करूंगा कि मुझे आगे क्या करना है”. दरअसल, गुप्तेश्वर पांडेय को लेकर ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि वह लोकसभा का उपचुनाव या विधानसभा चुनाव लड़कर बिहार की सक्रिय राजनीति में आ सकते हैं. उनका कार्यकाल 28 फरवरी 2020 को समाप्त होने वाला था.

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उनके अचानक रिटायरमेंट के बाद सिविल डिफेंस एंड फायर सर्विसेज के डीजी संजीव कुमार सिंघल को अगले आदेश तक डीजीपी बिहार का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

वही जानकार मानते है कि गुप्तेश्वर पांडेय ने अचानक VRS लेकर नियमो का उल्लंघन किया है. जिसपर कुछ संगठन उन्हें अदालत में चुनौती भी दी जा सकती है. बिहार सरकार ने मंगलवार शाम को उनके VRS को मंज़ूरी दे दी थी.

यह भी जान लें कि गुप्तेश्वर पांडेय 1987 बैच के आईपीएस ऑफिसर है. उन्हें जनवरी 2019 में बिहार का डीजीपी बनाया गया। बतौर डीजीपी उनका कार्यकाल 28 फरवरी 2021 तक था। गुप्तेश्वर पांडेय के अचानक रिटायरमेंट के बाद राज्य के सियासी गलियारों में चर्चा चल रही है कि वो आगामी बिहार चुनाव लड़ सकते हैं।

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बिहार में विधान सभा चुनावों की तारीखों का ऐलान जल्दी ही हो सकता है. मीडिया के हलकों में उनके बक्सर सीट से चुनाव लड़ने की बात भी कही जा रही है। बिहार चुनाव के आलावा लोक सभा के वाल्मीकिनगर की सीट पर भी उपचुनाव होने वाले है. इस सीट से जदयू के नेता बैद्यनाथ प्रसाद महतो ने 2019 में चुनाव जीता था। लेकिन उनके निधन के कारण यह सीट खाली हो गई है। ऐसे में उन्हें विधायक या सांसद के लिए उम्मीदवार बनाया जा सकता है.

बिहार के पूर्व पुलिस प्रमुख गुप्तेश्वर एक बार पहले भी 2009 आईपीएस से स्वैछिक रिटायरमेंट लेकर लिया था. लेकिन टिकट न मिल पाने के कारण चुनाव नहीं लड़ सके थे. गुप्तेश्वर पांडेय के बैच के एक और आईपीएस अफसर सुनील कुमार जो इसी साल 31 जुलाई को रिटायर हुए थे. उन्होंने जदयू ज्वाइन कर लिया और अब उनके भी चुनाव लड़ने की सम्भावना जताई जा रही है.

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