पर्यावरण असंतुलन के खतरों का खामियाजा समाज को भुगतना पड़ेगा

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज पटना में जल, जीवन और हरियाली अभियान के लिए जागरूकता कार्यक्रम की शुरुआत आज पटना के बापू सभागार में की। इस मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए उन्‍होंने कहा कि पर्यावरण असंतुलन के खतरों का खामियाजा पूरे मानव जाति को भुगतना पड़ेगा।

मुख्‍यमंत्री ने कहा कि जिस ढंग से दुनिया भर में विकास के नाम पर वृक्षों की कटाई हो रही है, उससे पर्यावरण पर संकट पैदा हो रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार में पहले जहां वर्षापात 1200 से 1500 मिलीमीटर था, पिछले 30 वर्षों में राज्य का औसत वर्षापात 1027 मिलीमीटर रिकार्ड किया गया है। पिछले 13 वर्षों में राज्य का औसत वर्षापात 900 मिलीमीटर रह गया है जबकि पिछले वर्ष तो यह महज 771 मिलीमीटर था। बापूसभागार में दिये गये मख्‍यमंत्री के संबोधन को वीडियो कास्टिंग के माध्‍यम से माध्यम से जिला मुख्यालय, अनुमंडल मुख्यालय, प्रखंड मुख्यालय में जुड़े नगर निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायती व्यवस्था के जन-प्रतिनिधि, अधिकारी, जीविका दीदियाँ, विकास मित्र, टोला सेवक एवं अन्य लोगों ने सुना।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नेपाल की तराई एवं उत्तर बिहार के सीमावर्ती जिलों में अचानक तेज बारिश से फ्लैश फ्लड की स्थिति बनी और बाढ़ आयी। इसी वर्ष किशनगंज में चार दिनों में 500 मिलीमीटर वर्षा हुई। उन्होंने कहा कि वर्षा की अनियमितता, वज्रपात और लू की स्थिति की वजह पर्यावरण में हो रहा बदलाव है। चाहे मनुष्य हो, पशु पक्षी या अन्य जीव हो सबका जीवन, जल और हरियाली पर निर्भर करता है।

श्री कुमार ने कहा कि बिहार पृथ्वी दिवस के मौके पर आज जल-जीवन-हरियाली अभियान के जागरूकता कार्यक्रम की शुरुआत की जा रही है। आप सबको मालूम है कि आज अगस्त क्रांति दिवस है। हमलोगों ने वर्ष 2011 से इसी दिन बिहार पृथ्वी दिवस का आयोजन शुरू किया था जिसका उद्देश्य पृथ्वी का संरक्षण एवं इसमें जन सहभागिता को बढ़ाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने पृथ्वी को हरा-भरा एवं स्वच्छ बनाने के लिए 11 सूत्री संकल्प लिया है। जलवायु परिवर्तन एवं पर्यावरण संकट से जो स्थिति उत्पन्न हुई है उसके लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही एक विशेष कार्य योजना बनाई जा रही है।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में इस साल एक तरफ बाढ़ की स्थिति बनी तो दूसरी तरफ सुखाड़ की स्थिति बन रही है। इन सब परिस्थितियों से निपटने के लिए सरकार ने जून एवं जुलाई माह में बैठकें की थीं और फिर 18 अगस्त को इस संबंध में बैठक करेंगे। पिछले वर्ष कई प्रखंडों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया था। राज्य में आपदा की स्थिति में आपदा पीड़ितों की पहले सहायता करते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य के खजाने पर पहला अधिकार आपदा पीड़ितों का है।

श्री कुमार ने ग्लोबल वार्मिंग की चर्चा करते हुए कहा कि ग्लोबल वार्मिंग पर्यावरण के लिए काफी खतरनाक साबित हो रहा है। पूरे विश्व का तापमान बढ़ रहा है जिससे पृथ्वी पर खतरा उत्पन्न हो रहा है। उन्होंने कहा कि 13 जुलाई 2019 को सभी पार्टी के विधायकों एवं विधान पार्षदों की जलवायु परिवर्तन के संबंध में संयुक्त बैठक हुई थी, जिसमें सभी लोगों के बीच इस बात पर सहमति बनी थी कि पर्यावरण संरक्षण के लिए व्यापक जन अभियान चलाया जाए। साथ ही एक विस्तृत कार्य योजना बनाकर काम किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा, “ हमलोग जल-जीवन-हरियाली अभियान की शुरुआत कर रहे हैं। इसके लिए व्यापक कार्य योजना बनाई जा रही है। इसके लोगो पर लिखा है- जल-जीवन-हरियाली होगी, तभी होगी खुशहाली। जल है, हरियाली है तभी जीवन है।”
श्री कुमार ने कहा कि बिहार के बंटवारे के बाद राज्य का वन क्षेत्र सात प्रतिशत रह गया था। सरकार में आने के बाद सर्वेक्षण से पता चला कि राज्य का हरित आवरण क्षेत्र 9.7 प्रतिशत था। राज्य में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए बिहार पृथ्वी दिवस, वन महोत्सव मनाया जाता है। हरियाली मिशन की शुरूआत की गयी है। राज्य में हरित आवरण क्षेत्र को बढ़ाने के लिए 24 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया जिसमें अबतक करीब 19 करोड़ पौधे लगाये गये हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में हरित आवरण के 17 प्रतिशत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए काम किया जा रहा है। अगले एक साल में डेढ़ करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सड़कों के किनारे, बांध, तालाब, पोखर, पईन, आहर के किनारे वृक्ष लगाने की योजना है और उसके लिए काम किया जा रहा है। सड़कों के किनारे वृक्ष लगेंगे तो कितना अच्छा दृष्य होगा। वृक्षों को लगाने के साथ-साथ उसका रख-रखाव भी किया जायेगा।

कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन पर आधारित एक फिल्म के साथ-साथ कटते वृक्ष की व्यथा पर एवं वर्षा जल संचयन पर आधारित लघु फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया। साथ ही एक पर्यावरण गीत भी प्रस्तुत किया गया। इस मौके पर धरती को हरा-भरा एवं स्वच्छ बनाने के लिए 11 सूत्री संकल्प दिलाया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने जल-जीवन-हरियाली अभियान केलोगो’ का भी लोकार्पण किया।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री का स्वागत पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रधान सचिव दीपक कुमार सिंह ने पौधा भेंटकर किया। कार्यक्रम को ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, कृषि तथा पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री डॉ0 प्रेम कुमार समेत अन्य लोगों ने संबोधित किया। कार्यक्रम में पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव,  ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा,भू-राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री रामनारायण मंडल, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री विनोद नारायण झा, विधि एवं लघु जल संसाधन मंत्री नरेंद्र नारायण यादव, जल संसाधन मंत्री संजय झा, पंचायती राज मंत्री कपिलदेव कामत समेत अन्य लोग मौजूद थे।

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