जल-जीवन-हरियाली अभियान में सहयोग देने की अपील की

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को सीमित करने के लिए लोगों से ‘जल-जीवन-हरियाली’ अभियान में भरपूर सहयोग देने की अपील करते हुये आज कहा कि पर्यावरण संतुलित रहने से जीवन और बेहतर होगा।

श्री कुमार ने 73वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पटना जिले के पुनपुन प्रखंड में श्रीपालपुर के महादलित टोला में झंडोत्तोलन कार्यक्रम को संबोधित करते हुये कहा कि जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को ध्यान में रखते हुये जल-जीवन-हरियाली अभियान की शुरूआत की जा रही है। इस अभियान को चलाकर पर्यावरण संरक्षण के लिए काम किये जाएंगे। जल-जीवन-हरियाली का अर्थ है जब तक जल और हरियाली है तभी तक चाहे मनुष्य हों या जीव जन्तु, पशु-पक्षी, सबका जीवन सुरक्षित है इसलिए पर्यावरण के प्रति सजग रहना होगा। उन्होंने लोगों से पानी का दुरुपयोग नहीं करने का आह्वान करते हुये कहा कि समाज में सद्भाव एवं भाईचारे का वातावरण कायम रहे और पर्यावरण का संरक्षण हो ताकि जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को सीमित किया जा सके।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार का अतीत गौरवशाली और यहां की विरासत समृद्ध है। वह उस ऊंचाई को फिर से प्राप्त करना चाहते हैं। जल-जीवन-हरियाली अभियान की कार्ययोजना को लागू करने के लिए सभी का सहयोग और समर्थन चाहिए। उन्होंने कहा कि एक-दूसरे के धर्म का आदर और सम्मान करेंगे तो समाज में और तेजी से विकास होगा। पर्यावरण को संतुलित करने के लिए जल-जीवन-हरियाली अभियान की शुरुआत हुई है, उसमें सभी भरपूर सहयोग करें ताकि पर्यावरण संतुलित हो सके। उन्होंने कहा कि जब पर्यावरण संतुलित होगा तभी जीवन और बेहतर होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के न्याय के साथ विकास के संकल्प के माध्यम से हर तबके और हर इलाके का विकास बिना किसी भेदभाव के निरंतर जारी है। जो लोग हाशिये पर हैं, उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किये गये हैं। महादलित समुदाय के लोगों को प्रतिष्ठा दिलाने के लिए ही इस कार्यक्रम की शुरुआत की गयी है। बिहार के हर गांव और टोलों को पक्की सड़कों से जोड़ा जा रहा है। पुनपुन के लोगों की मांग और पितृपक्ष मेले को ध्यान में रखते हुए पुनपुन नदी पर लक्ष्मण झूला (केबुल सस्पेंशन ब्रिज) का शिलान्यास किया जा चुका है। यह झूला बिना पिलर का होगा। उन्होंने कहा कि आज के दिन वह तमाम शहीदों को नमन करते हैं। पटना सचिवालय पर झंडा फहराने वाले सात शहीदों में यहां के भी दो लोग थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*