JNU प्रशासन ने छात्रों के आगे घुटने टेके, फीस बढ़ोतरी के फैसले को लिया वापस

JNU प्रशासन ने छात्रों के आगे घुटने टेके, फीस बढ़ोतरी के फैसले को लिया वापस

 

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में हास्‍टल समेत कई चीजों में हुई फीस बढ़ोतरी के बाद चल रहे छात्रों के जोरदार प्रदर्शन के बाद आखिरकार वापस हो गई है.

रवि कांत की रिपोर्ट

JNU प्रशासन ने छात्रों के आगे घुटने टेके, फिस बढ़ोतरी के फैसले को लिया वापस

 

 

जेएनयू की एग्जिक्युटिव कमिटी ने होस्टल फीस समेत अन्य बढ़ोतरी वापस ले ली है. इसके साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों की सहायता के लिए स्कीम का प्रस्ताव दिया है.

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जेएनयू के विद्यार्थियों का विरोध प्रदर्शन बीते 15 दिनों से जारी था. सोमवार को एआईसीटीई में हुए दीक्षांत समारोह के दौरान भी छात्रों ने प्रदर्शन किया था.

 

इस वजह से मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल छह घंटे तक कैंपस में फंसे रहे थे. मंत्री पोखरियाल को अपने पूर्व निर्धारित 2 कार्यक्रम भी निरस्त करने पड़े थे.

 

छात्रों का उग्र प्रदर्शन देखते हुए उपराष्ट्रपति पहले ही कार्यक्रम स्थल से रवाना हो गए थे.

 

पुलिस ने छात्रों पर वाटर कैनन का प्रयोग भी किया था.

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आपको बता दें कि 11 नवंबर को जेएनयू छात्रों ने दीक्षांत समारोह के दौरान विरोध प्रदर्शन किया था. छात्रों का कहना था कि हम 15 दिनों से विरोध कर रहे हैं, लेकिन कुलपति हमसे बात करने को तैयार नहीं.

 

 

छात्रों का रूम किराया 10 रु. से बढ़ाकर 300 रु. किया गया, मेस की सुरक्षा निधि 12 हजार रु. की गई थी.

 

फीस बढ़ोतरी के बाद से हो रहा था प्रदर्शन

बता दें कि जेएनयू के अचानक हुई फीस बढ़ोतरी के बाद से कई छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे थें. कई गरीब तबके से आने वाले छात्र जेएनयू प्रशासन पर यह आरोप लगा रहे हैं कि प्रशासन उनके भविष्‍य के साथ खिलवाड़ कर रहा है.

 

 

 

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