पुलिस ने अर्णब को 5 घंटे तक पानी पिला-पिला कर की पूछ ताछ, 12 घंटे में दो नोटिस

मुम्बई की एमएन जोशी पुलिस ने पत्रकार अर्णब गोस्वामी को( Arnab Goswami) को सोनिया गांधी पर टिप्पणी करने के मामले में पांच घंटे तक पूछ ताछ की.

12 घंटे में पुलिस ने भेजा दो नोटिस, 5 घंटे तक की पूछ ताछ


इससे पहले रविवार को मुंबई पुलिस ने 12 घंटे में उन्हें पूछताछ के लिए दो नोटिस भेजे थे। पुलिस ने गोस्वामी को सीआरपीसी की धारा 41 के तहत सोनिया पर बयान देने वाले मामले की जांच में शामिल होने के लिए कहा। यह एफआईआर कांग्रेसी मंत्री नितिन राऊत ने दर्ज करवाई है। नागपुर में दर्ज इस एफआईआर को मुंबई में ट्रांसफर कर दिया गया है।

पुलिस के इस इंट्रोगेशन से बौखलाये अर्णब गोस्वामी ने बाद में कहा कि पुलिस को उनके खिलाफ हुए हमले पर भी जांच करनी चाहिए.

अर्णब ने कहा- मेरे ऊपर हुए हमले की जांच में भी पुलिस दिखाए तेजी

पूछताछ में जाने से पहले अर्णब ने बयान जारी कर कहा है, ‘सोनिया पर बयान वाले केस में मुंबई पुलिस मुझसे पूछताछ करना चाहती है. ये कहते हुए मुझे उसने 12 घंटों में दो नोटिस भेजे हैं। कानून के तहत बाध्य नागरिक होने के नाते मैं जांच में सहयोग कर रहा हूं।

गौर तलब है कि पाल घर में दो संतों की भीड़ द्वारा हत्या कर दिये जाने के बाद इस घटना में हिंदुओ को भड़काने का हर संभव प्रयास करते हुए अर्णब ने कहा था कि सोनिया गांधी इस हत्या से खुश हैं और वह इटली में खबर भेज रही हैं कि देखो हमने महाराष्ट्र में सरकार बना लिया तो वहां हिंदू संतों की हत्या हो रही है. अर्णब ने इस माबलिंचिंग को साम्प्रदायिक रंग देने की पूरी कोशिश की. लेकिन इस घटना की सच्चाई यह थी कि संतों को हींदुओं की भीड़ ने ही हत्या की थी.

अर्णब की इस ओछी पत्रकारिता के बाद देश में दरजनों स्थानों पर केस किया गया है.

रिपब्लिक पर हुआ केस
सोनिया गांधी पर कथित विवादित टिप्पणी के बाद अर्णब गोस्वामी की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं। कांग्रेस नेताओं ने अब मुंबई हाईकोर्ट में रिपब्लिक टीवी के खिलाफ याचिका दायर की है, जिसमें कहा गया है कि रिपब्लिक टीवी को बंद करने का आदेश दिया जाए। 

अर्णब गोस्वामी को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा तीन हफ्ते तक उन्हें अरेस्ट करने से छूट दे रखी है.

अग्रिम जमानत याचिका दायर करने का मोहलत दिया गया है। गोस्वामी ने लगातार एफआईआर दर्ज होने के बाद सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था, जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें यह आंशिक राहत दी थी।

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