News18Bihar की दंगाई पत्रकारिता से फैल सकती है बिहार में हिंसा

News18Bihar की दंगाई पत्रकारिता से बिहार में हिंसा को बढ़ावा मिलेगी. इस चैनल ने 10 अप्रैल को पूरा दिन कोरोना महामारी पर साम्प्रदायिक रिपोर्टिंग की. जिससे समाज में तनाव है.

News18Bihar ने मोतिहार के रमगढ़वा के निकट पनटोका में एसएसबी कमांडेंट की एक गोपनीय चिट्ठी के आधार पर खबर दी कि नेपाल से 40-50 की संख्या में करोना के संदिग्ध ‘मुसलमान’ बिहार में कोरोना महामारी फैलाने के फिराक में हैं. एसएसबी के कमांडेंट प्रिव्रत शर्मा ने यह गोपनीय चिट्ठी बेतिया डीएम को लिखी थी और इस बारे में कहा था कि उन्हें विश्वसनीय सूत्रों से यह जानकारी मिली है.

Irshadul Haque, Editor naukarshahi.com

जबकि हकीकत यह है कि 3 अप्रैल को जिस दिन यह चिट्ठी लिखी गयी उस दिन तक नेपाल में आधिकारिक तौर पर मात्र 3 कोरोना पोजिटिव थे. 10 अप्रेल को नेपाल में मात्र 9 कोरोना पोजिटिव मिले हैं. लेकिन News19 Bihar ने इस मामले में बड़ी बेशर्मी से खबर दी कि 40-50 कोरोना पोजिटिव मुसलमान भारत में प्रवेश करने वाले हैं और वे यहां संक्रमण फैलाने की जुगत में हैं.

चैनल ने एक जालिम मुखिया का नाम लिया जिसका उल्लेख एसएसबी के कमांडेंट प्रियव्रत शर्मा ने किया था. इस चैनल ने प्रिव्रत शर्मा की चिट्ठी के आधार पर खबर को अभियान के रूप में चलाया लेकिन वास्तविकता से परे, झूठ को परोसता रहा. उसने प्रियव्रत से यह नहीं पूछा कि नेपाल में मात्र 9 कोरोना पोजिटिव हैं तो वहां से 50 लोग कोरोना संक्रमण ले कर बिहार में कैसे एंटर करना चाहते हैं?

मैंने इस सबंध में प्रियव्रत शर्मा से बात की ( एसएबी के कमांडेंट) तो उन्होंने स्वीकार किया कि उनके पत्र में ‘मुसलमान’ शब्द लिखना उचित नहीं था. लेकिन इस मामले में न्यूज18 ने कोई सवाल नहीं उठाया. जाहिर होता है कि यह चैनल अभियान के तौर पर मुसलमानों के खिलाफ घृणा भड़काने की मंशा से काम कर रहा है.

इस संबंध में मैंने न्यूज 18 बिहार के ट्विटर हैंडल पर अनेल सवाल किये लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया. इस चैनल की मेरे सवालों पर चुप्पी से यह साफ लगता है कि वह सच का सामना नहीं करने की स्थिति में है.

इस चैनल की बेशर्मी देखिए कि जब दिन भर इसने कोरोना पर धार्मिक उन्माद फैलाया तो शाम को इसने खबर दी कि उसके दर्शकों/पाठकों की संख्या में 167 प्रतिशत का उछाल आया है. यह भी जाहिर करता है कि यह चैनल किसी भी कीमत पर, चाहे हिंसा ही क्यों न भड़के वह ज्यादा से ज्यादा दर्शक ( TRP) प्राप्त करके बिहार का नम्बर एक चैनल बनना चाहता है.

काबिले गौर है कि बिहार सरकार ने कोरोना महामारी के संबंध में किसी भी हालत में बीमारों की पहचान उजागर न करने की हिदायत दे रखी है ताकि उससे लोगों में नफरत ना फैले. लेकिन इसके बावजूद इस न्यूज चैनल ने दिन भर धर्म को ऐंगल बना कर खबरें चलाता रहा. इस दौरान चैनल ने यह तक दावा किया कि उसकी खबर का असर है कि नेपाल पुलिस ने जालिम मुखिया के घर पर छापामारी की. News18Bihar की #दंगाईपत्रकारिता को नेपाल के दो पत्रकारों ने बेनकाब किया.कृष्ण सिगडेल शर्मा और गौतम श्रेष्ठ ने चैनल के इस झूठ को नंगा कर दिया है कि नेपाल से जालिम मुखिया को गिरफ्तार किया गया है.

काबिले जिक्र है कि जब से कोरोना वायरस को किसी खास धर्म से जोड़ कर प्रचारित करने का अभियान मीडिया के एक वर्ग ने शुरू किया है तब से देश भर में अनेक जगह हिंसा की खबरें है.

दिल्ली में एक सब्जी बिक्रेता की इसलिए पिटाई की गयी कि वह एक धर्मविशेष से था. यूपी के प्रयाग राज में गोली तक चली और एक व्यक्ति की मौत हो गयी. यह मामला भी धर्म विशेष से जुडा था. इसी तरह एक घटना झारखंड के गुमला मेंं घटी और भीड़ ने एक व्यक्ति की पीट कर जान ले ली.

अब सवाल यह है कि जब न्यूज18 बिहार नफरत को हवा देने वाली खबरें चलायेगा तो बिहार में भी इसका असर पड़ना स्वाभाविक है. आज ही मेंरे एक हिंदू मित्र ने फोन कर के बताया कि पटना के बोरिंग रोड इलाके में एक सब्जी विक्रेता को उसके धर्म के काऱण प्रताडित किया जा रहा था तो उन्होंने हस्तक्षेप करके उसे बचाया.

सरकार को चाहिए कि इस तरह की पत्रकारिता करने वालों के खिलाफ साम्प्रदायिक उन्माद फैलाने के आरोप में गिरफ्तार किरे.

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