पहली बार कैंडल मार्च पर भी लाठी चार्ज, शिक्षक अभ्यर्थी घायल

पहली बार कैंडल मार्च पर भी लाठी चार्ज, शिक्षक अभ्यर्थी घायल

कैंडल मार्च को सम्मान से देखा जाता है, लेकिन यूपी में शिक्षक अभ्यर्थियों के कैंडल मार्च पर लाठी बरसी। दौड़ा कर पीटा गया। पूर्व आईएएस ने कही- अंत आ गया।

यूपी में विधानसभा चुनाव है। माना जाता है कि चुनाव के समय सरकार हर वर्ग के प्रति नरमी के साथ व्यवहार करती है, लेकिन यूपी में आज शिक्षक अभ्यर्थियों के कैंडल मार्च पर लाठी बरसी। लखनऊ में शिक्षक अभ्यर्थियों ने आज शाम कैंडल मार्च निकाला, तो पुलिस ने दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। इसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।

पूर्व आईपीएस सूर्य प्रताप सिंह ने भी वीडियो शेयर करते हुए ट्वीट किया-अंत आ गया, इस सरकार का अंत आ गया। उन्होंने यह भी कहा-सरकारी नौकरियां निगलने की फ़िराक में है,मोदी सरकार। बैंकिंग सुधार के नाम पर 6 दिसंबर को संसद में अनैतिक बिल ला रही है,सरकारी बैंकों के निजीकरण की साज़िश है। विपक्षी दलों से अपील है इस बिल का विरोध करें। बैंकर्स बहुत उद्वेलित है, हड़ताल की तैयारी में हैं।

समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने शिक्षक अभ्यर्थियों के कैंजल मार्च पर लाठी चार्ज का कड़ा प्रतिवाद किया है। यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा-पिछड़ों – दलितों की संतानों पर लखनऊ में पुलिस की यह लाठियां क्रूर भाजपा सरकार और घमंडी मुख्यमंत्री के सत्ता में आखिरी कील साबित होगी। 69000 शिक्षक भर्ती में OBC, SC/ST अभ्यर्थियों की हकमारी उत्तर प्रदेश नहीं भूलेगा। यूपी कांग्रेस ने कहा-पहले घोटाले और भ्रष्टाचार करके युवाओं के सपनों को रौंद दिया गया। अब उनके प्रदर्शन के अधिकार को रौंदा जा रहा है। बुल्डोजरनाथ का बुल्डोजर सिर्फ निर्दोष जनता पर ही चल सकता है।

समाजवादी पार्टी के प्रमोद यादव ने कहा-भारतीय जनता पार्टी की सरकार में अधिकार मांगना तो समझ लो लाठीचार्ज मिलना है। इसी के साथ राज्य में टीईटी का पेपर लीक होना बड़ा मुद्दा बना हुआ है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने ट्वीट किया-टीईटी परीक्षा का पेपर बीयर के एक गोदाम के पते पर छपना ‘गोपनीय छपाई’ का बड़ा घोटाला है। भाजपा सरकार में तो यूँ ही हर बार पेपर ‘लीक’ होगा इसीलिए 2022 में बेरोज़गार सपा की सरकार बना रहे हैं क्योंकि उन्हें पूरा भरोसा है कि सपा के आने से ही सब कुछ फिर से ‘ठीक’ होगा।

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