खाकी में लिपटे संघी आईपीएस को नौकरी से बर्खास्त किया जाना चाहिए

खाकी में लिपटे संघी आईपीएस को नौकरी से बर्खास्त किया जाना चाहिए

तमिलनाडु कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी संदीप मित्तल (Additonal DGP Sandeep Mittal) सिविल सेवा के राजनीतिक निष्पक्षता नियम का लगातार उल्लंघन कर आरएसएस के समर्थन में ट्वीट्स कर चर्चा में बने हुए है. CPI-M ने आरोप लगाया कि उनके वक्तव्य संविधान के विरुद्ध बताकर सख्त कार्यवाई की मांग उठायी है.

बता दें की तमिलनाडु CPI-M के प्रदेश सचिव के बालाकृष्णन (K Balakrishnan) तमिलनाडु के मुख्यमंत्री इदाप्पदी के पलानिस्वामी (Edappadi K Palaniswami) और DGP जेके त्रिपाठी (JK Tripathy) को पत्र लिखकर उनके खिलाफ अनुशाशनात्मक करवाई करने की मांग उठायी है. बालाकृष्णन ने आरोप लगाया कि मित्तल लगातार अपने ट्विटर हैंडल से आरएसएस और दक्षिणपंथी विचारधारा के समर्थन में ट्वीट्स कर रहे है जो सिविल सेवा के नियमो के विरुद्ध है.

बालाकृष्णन ने खत में उनके जून और अगस्त महीने में ट्वीट्स का हवाला देकर कहा Additonal DGP रैंक का अधिकारी जेके मित्तल ने 23 अगस्त को एक ट्वीट में कहा कि वामपंथी और इस्लामिक विचारधारा के लोग “सैंकड़ों वर्षों से भारत का अपमान कर रहे है”. CPI-M का रूप है कि सोशल मीडिया पर उनके वक्तव्य आरएसएस की विचारधारा से प्रभावित है और यह सिविल सेवा के नियमों का उल्लंघन है.

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इसका संदर्भ द ऑल इंडिया सर्विसेज (आचरण) नियम, 1968 है, जिसमें कहा गया है, “सेवा का प्रत्येक सदस्य हर समय कर्तव्य के प्रति पूर्ण निष्ठा और समर्पण बनाए रखेगा और ऐसा कुछ भी नहीं करेगा जो सेवा के सदस्य के लिए असंतुलित हो।” नियम आगे मांग करते हैं कि सेवाओं का प्रत्येक सदस्य राजनीतिक तटस्थता और निष्पक्षता बनाए रखेगा। नियम यह भी कहते हैं कि सदस्यों को संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की सर्वोच्चता को बनाए रखना चाहिए।

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