7वां चरण, 8 क्षेत्र, मोदी के 5 मंत्रियों की प्रतिष्ठा दाव पर

7वां चरण, 8 क्षेत्र, मोदी के 5 मंत्रियों की प्रतिष्ठा दाव पर

अंतिम चरण का चुनाव 19 मई को होना है.इस चरण में भाजपा गठबंधन को अपनी तमाम आठ सीटें बचाने की चुनौती है तो महागठबंधन उसकी सीटों में सेंध मारने में जुटा है.

अंतिम चरण का चुनाव आठ लोकसभा क्षेत्रों में

बिहार में चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनावों को कुछ इस तरह से चरणवार बांटा है कि जैसे-जैसे अगले चरण की तरफ चुनाव अग्रसर हो रहा है, वैसे-वैसे भाजपा के दिल की धड़कन बढ़ती जा रही है. अब 7वें व अंतिम चरण का चुनाव 19 मई को है. इस चरण में मोदी सरकार के 5 मंत्रियों की प्रतिष्ठा दांव पर है.
ये पांच मंत्री हैं रविशंकर प्रसाद पटना साहब से, रामकृपाल यादव पाटलिपुत्र से, आरके सिंह आरा से. अश्विनी चौबे बक्सर है. जबकि कुछ दिनों पहले तक मोदी मंत्रिमंडल के मंत्री रहे उपेंद्र कुशवाहा, जो अब महागठबंधन में हैं वह काराकाट से चुनाव मैदान में हैं.

एनडीए को आठों सीट बचाने की चुनौती

सातवें चरण में बिहार में पटना साहिब, पाटलिपुत्र, जहानाबाद, नालंदा, सासाराम, काराकाट, बक्सर और आरा में चुनाव होना है। इनमें पटना साहिब, पाटलिपुत्र, जहानाबाद, बक्सर और सासाराम यानी पांच सीटों पर  फिलहाल भाजपा का कब्जा है.
छठी सीट नालंदा पर जदयू का कब्जा है. वैसे जहानाबाद और काराकाट पर भी पिछले चुनाव में एनडीए के तत्कालीन धड़े रालोसपा का कब्जा था लेकिन  अब वह महागठबंधन का हिस्सा है।

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केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद पटना साहिब से चुनावी मैदान में हैं तो रामकृपाल यादव पाटलिपुत्र से ताल ठोक रहे हैं। केंद्रीय उर्जा राज्यमंत्री आर.के. सिंह आरा से और केन्द्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी चौबे बक्सर में दोबारा किस्मत आजमा रहे हैं.

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एक सीट पटना साहब की है जिस पर पिछली बार शत्रुघ्न सिन्हा जीते थे जो कि अब कांग्रेस से उसी सीट पर लड़ रहे हैं.
 उधर नालंदा की सीट पर जदयू के कौशलेंद्र कुमार भाग्य आजमा रहे हैं. नीतीश कुमार के गृह जिला होने के कारण नालंदा उनके लिए महत्पूर्ण है.
तमाम दलों ने इन आठों लोकसभा क्षेत्र के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक चुके हैं. एनडीए को अपनी आठों सीट बचा लेने की चुनौती है तो उधर महागठबंधन के लिए इन आठ सीटों में से अधिकतर पर अपने उम्मीदवार जिता कर भाजपा को सरकार बनाने से रोकने की चुनौती है.
 

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