आर्थिक शोषण व लापरवाही के लिए बदनाम पारस हॉस्पिटल की करतूत ने अब श्याम रजक को भी रुला दिया

आर्थिक शोषण व लापरवाही के लिए बदनाम पारस हॉस्पिटल की करतूत ने अब श्याम रजक को भी रुला दिया.श्याम रजक पूर्व मंत्री हैं.

इसबार पटना के पारस हॉस्पिटल की करतूतों का शिकार बने श्याम रजक

आलीशान चमक-दमक और फाइस्टार सुविधाओं के पर्दे में मरीजों के साथ लापरवाही व आर्थिक दोहन के आरोप पटना के पारस एचएमआरआई  पर अकसर लगते रहे हैं. अकसर इस अस्पताल की लापरवाही और करतूतों के शिकार आम लोग होते रहे हैं. लेकिन इस बार बिहार के पूर्व मंत्री और जदयू के वरिष्ठ नेता श्याम रजक इस हॉस्पिटल की करतूतों के शिकार बने हैं.

 

श्याम रजक को इस अस्पतला में पिजियो थ्रेपी के दौरान न सिर्फ असहनीय दर्द का सामना करना पड़ा बल्कि उनकी पीठ जला दी गयी. जलन से उनकी पीठ पर छाले तक पड़ गये.

श्याम रजक ने अपने इस असहनीय दर्द और पीड़ा की दास्तान फेसबुक पर शेयर की है. उन्होंने लिखा है कि ‘पटना के पारस हॉस्पिटल द्वारा पेसेंट के प्रति बहुत ही गैर जिम्मेदाराना रवैया दखने को मिला। खुद मुझे व्यतिगत रूप से इसका सामना करना पड़ा। कंधे और पीठ में दर्द के कारण मैं पिछले 3 दिनों से पारस हॉस्पिटल,पटना में भर्ती था। कल फिजियोथेरेपी के दौरान अस्पताल की लापरवाही की वजह से मेरी पीठ को जला दिया गया। जिसकी वजह से मेरी पीठ पर फोले हो गए हैं और असह्य दर्द व जलन है”।

 

श्याम रजक ने लिखा है कि न सिर्फ असप्ताल प्रबंधन नें लापरवाही दिखाई बल्कि उसने गैरजिम्मेदाराना रवैया भी अपनाया. इतना ही नहीं श्याम रजक ने तो यहां तक लिखा है कि  इस मामले में अस्पताल प्रबंधन द्वारा ना तो कोई संतोषजनक जवाब दिया गया ना कार्यवाई की गयी।

श्याम रजक ने कहा है कि उन्होंने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कंप्लेन दर्ज करवा दी है और पारस हॉस्पिटल को छोड़ कर अन्य  हॉस्पिटल में भर्ती हो गये हैं।

पारस की करतूत की लम्बी फिहरिस्त

अगस्त 2016 में इस पारस अस्पताल में डॉक्टर का खौफनाक चेहरा उजागर हुआ था जब  यहां एक कुछ लोगों ने अस्पताल प्रबंधन पर आरोप लगाए था कि डॉक्टर मौत के बाद भी एक वृद्ध महिला का इलाज करते रहे. मामले में परिजनों की शि‍कायत के बाद पुलिस ने जांच के आदेश दिए. मृतिका के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज के नाम पर गलत बिल बनाने का आरोप लगाया था. सीतामढ़ी जिले के सिमरा गांव की 62 वर्षीय शैल देवी को इलाज के लिए पारस अस्पताल में 6 अगस्त को भर्ती कराया गया था.

इस असपताल में लूट की कहानी कुछ वर्ष पहले सोशल मीडिया पर वॉयरल हुई थी. जब एक युवती ने अपनी मां का इलाज कराने पहुंची थी और मरीज की मृत्यु के बाद भी उसे आईसीयू में रखा गया और लगातार पैसे ऐंठे जाते रहे.

कुछ साल पहले पटना के पत्रकार इमरान खान ने अपने पिता के इलाज के लिए भरती कराया था. उनके साथ भी अस्पताल ने बिल के मामले में काफी शोषण किया था. इतना ही नहीं जब इमरान खान ने इस बारे में अपनी पीड़ा फेसबुक पर जाहिर की तो उलटे अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें धमकाया और पोस्ट डिलिट करने का दबाव बनाया था.

इस अस्पताल पर मरीजों के साथ दुर्व्योहार के अनेक बार आरोप लग चुके हैं. कई बार तो अस्पताल की लापरवाही के बाद यहां प्रबंधन और मरीजों के परिजनों के बीच मारपीट जैसी स्थिति भी बन गयी है.

 

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