बेशर्म वसीम रिजवी सुप्रीम कोर्ट ने तुम्हारे चेहरे पर कालिख पोत दी

बेशर्म वसीम रिजवी सुप्रीम कोर्ट ने तुम्हारे चेहरे पर कालिख पोत दी

Naukarshahi.Com
Irshadul Haque, Editor naukarshahi.com

वसीम रिजवी की शरारतपूर्ण, मूर्खतापूर्ण और बदतमीजी भरी अरजी को सुप्रीम कोर्ट ने न सिर्फ खारिज कर दी बल्कि 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगा दिया.

वसीम रिजवी, हां वहीं वसीम रिजवी जो 2014 से संघ के एजेंट के रूप में अपनी पहचान बनाने और सत्ता के शिखर पर पहुंचने के लिए हर काली करतूत करने पर अमादा है. उसने पिछले दिनों एक ऐसी नापाक जुर्रत की जिससे न सिर्फ दुनिया भर में लोगों ने उसके नाप पर थु-थु किया बल्कि सुप्रीम कोर्ट ने भी उसकी हरकतों को गलत ठहरा दिया. इस वसीम रिजवी ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की थी कि कुरआन पाक की 26 आयतें ऐसी हैं जिससे आतंकवाद को बढ़ावा मिलता है लिहाजा उसे कुरआन से हटा दिया जाये.

कुरआन से 26 आयतों को हटवाने संबंधी याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी (Waseem Rizvi) ने आतंकवाद को बढ़ावा मिलने का हवाला देते हुए जनहित याचिका दायर की थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को याचिका खारिज करने के साथ ही रिजवी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।

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आरएसएस के घृणा के वाहक बन कर सत्ता की सीढ़ियां चढ़ने की नापाक लालसा पाले वसीम रिजवी आज इस बदहाली में है कि उसके घर, परिवार, समाज और यहां तक कि शिया समुदाय ने बेटी-रोटी, चुल्हा पानी का रिश्ता तोड़ लिया है. और आज सुप्रीम कोर्ट ने इस ओछे, बददिमाग, बदमिजाज, बदतमीज, गुस्ताखे रसूल, गुस्ताखे इस्लाम और उससे बढ़ कर अल्लाह के कलाम के साथ गुस्ताखी करने वाले इस शख्स को कहीं का न छोड़ कर यह साबित कर दिया है कि इस इंसान को कहीं से भी कोई माफी नहीं मिल सकती. चूंकि हम एक मुहज्जब समाज, का हिस्सा हैं इसलिए ऐसे शख्स के खिलाफ किसी तरह की गैरमोहज्जब बात नहीं कर सकते. लेकिन आज सुप्रीम कोर्ट ने उसके खिलाफ जो टिप्पणी की है उससे दुनिया भर के तमाम उन लोगों को रहात मिली है जो किसी भी मजहब की आस्था का सम्मान करते हैं.

आप को याद होगा कि वसीम रिजवी आरएसएस के हाथों का वही खिलौना है जिसने अपनी अर्जी खारिज होने की सूरत में आत्महत्या करने तक की बात कही थी. लेकिम हम ईमान वाले हैं और आत्महत्या जैसी मौत को अमानवीय, क्रूर और गैरइस्लामी तस्लीम करते हैं. इसलिए हम चाहेंगे कि वह जिंदा रहे है और अपनी करतूतों का फल अपनी आंखों से देखने के लिए जिंदा रहे.

हम उन लोगों की भी हिमायत नहीं कर सकते जिन्होंने वसीम रिजवी का सर कलम करने वाले को 11 लाख रुपये इनाम देने की घोषणा की है.


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