नल-जल योजना : बीडीओ, मुखिया और इंजीनियर पर FIR

नल-जल योजना : बीडीओ, मुखिया और इंजीनियर पर FIR

प. चंपारण में नल-जल योजना में बिना काम किए लाखों की बंदरबांट का मामला सामने आने पर बीडीओ, मुखिया, इंजीनियर और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज हुआ।

दीपक कुमार ठाकुर, बिहार ब्यूरोचीफ

बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में सीएम नीतीश के सात निश्चय योजना में भारी गड़बड़ी का खुलासा हुआ है। नीतीश के ड्रीम प्रोजेक्ट नल जल योजना में अनियमितता कर लाखों रुपये पचाने का खुलासा हुआ है। बिना काम किये बीडीओ, मुखिया, इंजीनियर, ठेकेदार, वार्ड सदस्य और पंचायत सचिव ने लाखों रुपये का बंदरबांट किया है। एसडीएम की जांच में यह बड़ा खुलासा हुआ है।

मामला पश्चिम चंपारण जिले के बगहा का है। यहां पीपरसी प्रखंड में नल जल योजना का काम कराने के नाम पर सरकारी खजाने से लाखों रुपये की लूट हुई है। सरकारी अधिकारी, मुखिया, इंजीनियर, ठेकेदार, वार्ड सदस्य और पंचायत सचिव ने मिल-बांटकर यह खेल किया है। एसडीएम की जांच में नल जल योजना में बड़े पैमाने पर अनियमितता का खुलासा हुआ है।

बताया जा रहा है कि एसडीएम सरफराज नवाज और बीडीओ कुमुद कुमार ने संयुक्त रूप से प्रखंड मंझरिया पंचायत की जांच की है। इसके बाद बुनियादी विद्यालय परिसर में जन प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर एएसडीएम ने बारी-बारी से सभी वार्ड सदस्य और सचिव से कराए गए कार्य की जानकारी ली। नल जल योजना में अनियमितता के मामले में पीपरसी प्रखंड के तत्कालीन बीडीओ, पंचायत सचिव, कनीय अभियंता और वर्तमान मुखिया पर एसडीएम सरफराज नवाज ने वर्तमान बीडीओ को प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया है।

बीडीओ कुमुद कुमार ने बताया कि मंझरिया पंचायत में कुल 12 वार्ड हैं, जिसमें वार्ड नंबर 2, 3, 7, 9, 10, 11 और 12 में कार्य संतोषजनक नहीं है। कई जगह राशि की निकासी के बाद भी मानक के अनुसार काम नहीं कराया गया है। इस पर एसडीएम ने वार्ड सदस्यों से राशि निकासी के बाद कार्य पूरा नहीं कराने का कारण पूछा।

वार्ड सदस्य परमा कुशवाहा, जगरनाथ राम, रामबली बिंद, शिवशंकर सहनी, नंदलाल साह, बद्री कुशवाहा आदि ने बताया कि तत्कालीन बीडीओ रघुवर प्रसाद, जेई अनिल पासवान, पंचायत सचिव जटाशंकर ठाकुर, वर्तमान मुखिया छोटेलाल प्रसाद ने जबरन बेतिया के संवेदक संजीव कुमार राय के खाते में 9-9 लाख रुपये ट्रांसफर करा दिया, लेकिन, संवेदक ने काम नहीं कराया।

बाद में इन सारे पैसों का बंदरबांट किया गया. बीडीओ, मुखिया, इंजीनियर, ठेकेदार, वार्ड सदस्य और पंचायत सचिव ने लाखों रुपये आपस में ही बांट लिया और बिना नल जल योजना बिहार सरकार के खजाने से लाखों रुपये गायब कर दिया। मामले का खुलासा होने के बाद एसडीएम ने इन लोगों पर 24 घंटे के अंदर प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश बीडीओ को दिया, जिसके बाद इनके ऊपर त्वरित एक्शन लेते हुए कार्रवाई की गई।

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