RCP को आभास हो गया कि नहीं बचेगी रास सदस्यता व मंत्री पद

RCP को आभास हो गया कि नहीं बचेगी रास सदस्यता व मंत्री पद

केंद्रीय मंत्री RCP को आभास हो गया है कि उनकी राज्यसभा सदस्यता व मंत्री पद दोनों नहीं बचेंगे। ईद के एक हफ्ते बाद क्यों किया ईद मिलन?

अपने गांव मुस्तफापुर (नालंदा) में ईद मिलन समारोह में केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह

कुमार अनिल

लगता है जदयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह को अब यह आभास हो गया है कि उनकी राज्यसभा सदस्यता और केंद्र में मंत्री का पद दोनों ही बचनेवाले नहीं है। पिछले तीन महीनों से आरसीपी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार में कोई मुलाकात नहीं हुई है। सूत्र बताते हैं कि दोनों नेताओं में बातचीत पूरी तरह बंद है। इस बीच आरसीपी सिंह ने ईद बीत जाने के एक हफ्ते बाद अपने गांव मुस्तफापुर में ईद मिलन समारोह आयोजित किया। इसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शामिल होने की बात तो दूर है, पार्टी अध्यक्ष ललन सिंह या प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा भी शामिल नहीं हुए। यही नहीं, ललन सिंह के करीबी किसी नेता ने भी भाग नहीं लिया। इसके बावजूद आरसीपी सिंह के ईद मिलन समारोह में पांच हजार मुस्लिम नेता-कार्यकर्ता शामिल हुए। ये नेता-कार्यकर्ता रोहतास से बेतिया तथा कटिहार से पटना तक से पहुंचे थे।

आरसीपी सिंह के इस भव्य ईद मिलन समारोह को पटना के मीडिया ने जगह नहीं दी, लेकिन राजनीतिक क्षेत्र में इसकी खूब चर्चा है। ईद मिलन समारोह में राज्य भर से नेताओं के जुटान को शक्ति प्रदर्शन भी माना जा रहा है। इतना तो तय है कि उन्हें पार्टी से किनारा कर दिए जाने के बाद भी वे अपने समर्थकों से लगातार संपर्क में हैं।

जदयू में यह बात किसी से छिपी नहीं है कि आरसीपी सिंह ने अपने लिए कभी राज्यसभा का टिकट नहीं मांगा। उन्हें पार्टी ने खुद ही भेजा। जदयू के सूत्र बताते हैं कि इस बार भी आरसीपी सिंह खुद के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से टिकट नहीं मांगने जा रहे हैं। आरसीपी सिंह इसी अंदाज से काम कर रहे हैं कि मुख्यमंत्री को टिकट देना होगा, तो देंगे, नहीं देना होगा, तो नहीं देंगे। वे हर स्थिति के लिए तैयार हैं।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कार्यशैली से वाकिफ सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री कभी किसी को खूब तवज्जो देते हैं, फिर उसे दूध से मक्खी की तरह बाहर फेंक देते हैं। इसलिए आरसीपी को इस बार टिकट मिलना असंभव है। पिछले दिनों नीतीश कुमार लगातार नालंदा में रहे। इसे भी इस तरह देखा जा रहा है कि जिले में उन्होंने खास बिरादरी से आरसीपी को अलग-थलग करने की भूमिका रच दी। हालांकि इस सबके बावजूद कई लोग मान रहे हैं कि मुख्यमंत्री अंतिम समय में आरसीपी सिंह को ही राज्यसभा भेजेंगे। इंतजार कीजिए। बस कुछ ही दिनों में सब स्पष्ट हो जाएगा, क्योंकि राज्यसभा चुनाव की तिथि 10 जून घोषित हो गई है।

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