रोजी-रोटी के असली मुद्दे सामने आए, BJP का अवसान शुरू : RJD

रोजी-रोटी के असली मुद्दे सामने आए, BJP का अवसान शुरू : RJD

देश अब नकली मुद्दों की साजिश समझने लगा है। रोजी-रोटी के असली मुद्दे सामने आए। राजद ने कहा, भाजपा खुशफहमी न पाले, उसका अवसान शुरू हो चुका है।

राजद प्रवक्ता चितरंजन गगन ने कहा कि भाजपा रोजी-रोटी के असली मुद्दों पर न बात करना चाहती है न काम करना चाहती है। इसीलिए वह हमेशा हिंदू-मुसलमान में देश को फंसाए रखना चाहती है। RJD और बिहार के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव शुरू से रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य पर जोर देते रहे हैं। महंगाई के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं। जनता के असली मुद्दे सामने आते ही भाजपा का अवसान शुरू हो चुका है।

राजद प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने कहा है कि गत दिनों हुए गुजरात और हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के साथ हीं विभिन्न राज्यों में हुए उपचुनावों के परिणामों से यह स्पष्ट हो चुका है कि भाजपा का अवसान अब शुरू हो चुका है। चुनाव परिणामों का विश्लेषण करने से यह साफ हो जाता है कि उनके खुशफहमि पालने के दिन अब लद चुके हैं।

राजद प्रवक्ता ने कहा कि जिस गुजरात को भाजपा अपनी बड़ी जीत बता रही है वहां उसके वोट प्रतिशत में भारी गिरावट आई है। 2019 के लोकसभा चुनाव में गुजरात में भाजपा को 62.21 प्रतिशत वोट मिले थे जो घटकर इस विधानसभा चुनाव में मात्र 53 प्रतिशत रह गया है यानी 9 प्रतिशत वोट का क्षरण हुआ है। जबकि यह विधानसभा चुनाव भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नाम पर हीं लड़ा गया था।

राजद प्रवक्ता ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में तो लोकसभा चुनाव 2019 में भाजपा को 69.70 प्रतिशत वोट मिले थे जो इस विधानसभा चुनाव में 26 प्रतिशत क्षरण के साथ 43 प्रतिशत पर आ गया। लोकसभा और विधानसभा का हुए उपचुनावों में भी उत्तर प्रदेश में भाजपा की परम्परागत खतौली विधानसभा सीट को भारी मतों के अंतर से गंवाना पड़ा। साथ हीं उत्तर प्रदेश के मैनपुरी लोकसभा, राजस्थान के सरदार शहर, छत्तीसगढ़ के भानुप्रतापपुर, उड़ीसा के पदमपुर विधानसभा क्षेत्रों के उपचुनाव में भाजपा को जबरदस्त ढंग से मुंह की खानी पड़ी।

राजद प्रवक्ता ने कहा कि बहुत हीं साधारण अंतर से कुढ़नी विधानसभा उप चुनाव की जीत को भविष्य की राजनीति का संकेत मानने वाले भाजपा नेताओं को समझ लेना चाहिए कि दो राज्यों के विधानसभा चुनावों और एक लोकसभा तथा छः विधानसभा के उपचुनावों के परिणाम और वोट शेयर भविष्य के राजनीति की ओर इंगित करता है।

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One comment

  1. भाजपा वास्तव में काफी कमजोर हैं, 2019 में न जाने कैसे पुलवामा हमला हो गया. इससे बीजेपी को फायदा हुआ और जीत गई. वरना 2019 में ही बीजेपी को सुलटा दिया जाता.

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