आईएएस की मौत: ईमानदारी और हौसले से थर्राती थीं भ्रष्ट कम्पनियां

अपने चार वर्ष के करिअर में आईएएस डीके रवि ने, न सिर्फ भूमाफिया और बड़े टैक्स चोरों में खलबली मचा दी थी  बल्कि उनकी ईमानदारी और काम के प्रति समर्पण से कई बड़े अफसर भी उनसे जलने लगे  थे.

Dk Ravi, IAS 2009

Dk Ravi, IAS 2009

नौकरशाही रिसर्च टीम

बेंगलुरू  में बिल्डर लॉबी को टैक्स चुकाने के लिए मजबूर करने वाले आईएएस अफसर का मृत शरीर पंखे से लटका पाया गया है. 2009 बैच के आईएएस अफसर डीके रवि कमर्सियल टैक्स के अतिरिक्त आयुक्त थे.

रवि का जन्म कर्नाटक में 1979 में हुआ  था.

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उनकी मौत के बाद कर्नाटक असेम्बली काफी हंगामा हुआ है वहीं बंगलुरू में लोग सड़कों पर उतर आये हैं. इस ईमानदार अफसर की मौत को कुछ लोग हत्या बता रहे हैं. राज्य सरकार ने रवि की मौत की जांच सीआईडी को सौंप दी है.

कहा जाता है कि आईएएस अफसर डीके रवि ने कर्नाटक के कोलार इलाके में भूमाफियाओ पर ऐसा शिकंजा कसा कि जमीन पर कब्जे की घटनायें खत्म हो गयीं और इसे कदम से रवि की लोक प्रियता आम लोगों में काफी बढ़ गयी. लेकिन पिछले अक्टूबर में राज्य सरकार ने उनका तबादला कर दिया. इस तबादले के खिलाफ कोलार के लोग सड़कों पर उतर आये और तबादले को रद्द करने की मांग करने लगे.

लेकिन जैसे ही रवि का ट्रांस्फर कर दिया गया उसके महीने दिन के अंदर रवि ने बतौर कमर्सियल टैक्स के एडिशनल कमिशनर, उन्होंने टेक्स चोरी करने वाली अनेक कम्पनियों के यहां ताबड़तोड़ छापेमारी करनी शुरू कर दी. यहां तक की रवि ने एक अंतरराष्ट्रीय बैंक पर भी छापा मार दिया. लेकिन तभी से वह माफिया के निशाने पर आ गये और उन्हें धमकिया मिलने लगीं.

रवि एक लोअर मिडिक क्लास फैमली से ते और उनके परिवार के कई बच्चो उन्हें अपना आइडियल मानते ते. परिवार के लोग उनी ईमानदारी और कर्तव्य के प्रति समर्पण को लेकर गर्व करते थे.

रवि अपनी पत्नी कुसुमा के संग जॉन्स वुड अपार्टमेंट के नौवें तल्ले पर रहते थे .

 

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