जाट व मुसलमान वोट की राजनीति की भेंट चढ़ गयी महागठबंधन संभावना

समाजवादी पार्टी के नेतृत्व में उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव में महागंठबंधन बनने की संभावना लगभग खत्म हो गयी है, बल्कि वहां सपा व कांग्रेस दो बड़े दल ही सीट शेयर कर लड़ेंगे। समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता व मुख्यमंत्री अखिलेश के करीबी किरणमंय नंदा ने आज कहा है कि उनकी पार्टी का विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस से सीटों का तालमेल होगा। उन्होंने अजीत सिंह की राष्ट्रीय लोक दल से किसी तरह के गठजोड़ से इनकार किया है।sp

 

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस के रणनीतिकार पश्चिम उत्तरप्रदेश में प्रभाव रखने वाले चौधरी अजीत सिंह को अपने गठजोड़ में शामिल करना चाहते थे, ताकि वहां जाट वोटों का उसे लाभ हो। सूत्रों का कहना है कि अजीत सिंह अपनी पार्टी के लिए महागंठबंधन में 30 सीटें चाहते हैं, लेकिन कांग्रेस के बड़े नेता 20 सीटें देने के लिए तैयार हैं। सूत्रों का यह भी कहना है कि अजीत सिंह के बेटे जयंत चौधरी कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के संपर्क में हैं।

 

हालांकि समाजवादी पार्टी इसके लिए इच्छुक नहीं रही है और वह इस मामले को कांग्रेस के ऊपर टाल रही है। दरअसल,  2013 के मुजफ्फरनगर दंगे के दौरान मुसलिम व जाट समुदाय आमने-सामने आ गये थे। उस दंगे में 60 लोगों की मौत हुई थी और 40 हजार लोग विस्थापित हुए थे। समाजवादी पार्टी के रणनीतिकारों को लगता है कि ऐसे में जाट पार्टी की रूप में पहचान रखने वाली रालोद से गठजोड़ से उसका मजबूत वोट बैंक मुसलिम प्रभावित हो सकता है।

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