पटना भगदड़ पर सियासत तेज

रावण वध के बाद गांधी मैदान में मची भगदड़ पर सियासत जारी है। भारतीय जनता पार्टी विधानमंडल दल के नेता सुशील कुमार मोदी ने पटना भगदड़ के मामले की सर्वदलीय कमिटी से जांच कराये जाने के साथ ही सीसीटीवी फुटेज को सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्‍होंने कहा है कि रावण वध के बाद गांधी मैदान में भगदड़ के दौरान जिस समय सैकड़ो की संख्या में बच्चे और महिलाएं कुचले जा रहे थे, उस समय पटना के जिलाधिकारी समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी कुछ ही दूरी पर अपने पुत्र के जन्म दिन के जश्न में डूबे हुए थे। इस दुखद घटना के बाद राज्य सरकार ने मामले पर से लोगों का ध्यान बांटने के इरादे से अधिकारियों का तबादला कर दिया। अधिकारियों का तबादला कोई दंड नही है और इसलिए ऐसे अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा र्दज किया जाना चाहिए।

 

वहीं, जनता दल यू ने भाजपा पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि वह गांधी मैदान भगदड़ में मारे गये लोगों की लाश पर राजनीति करने में लगी है। जदयू प्रदेश प्रवक्ता  संजय सिंह ने कहा कि वैसा तो यह कहा जाता है कि जब कहीं विपत्ति  आती है तो दुश्मन भी दुख की उस घड़ी में साथ खड़े होते हैं, लेकिन पटना के गांधी मैदान के हादसे के बाद भाजपा ने मदद तो दूर लाश पर राजनीति शुरू कर दी है। क्या इस तरह के हादसे मध्यप्रदेश और गुजरात में नहीं हुए हैं? क्या वहां के मुख्यमंत्रियों ने इस्तीफा दिया? शायद भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी की यादाशत चली गई है।

 

 

निशाने पर सरकार

राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री डा. रघुवंश प्रसाद सिंह ने बिहार में व्याप्त भ्रष्टाचार पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि सूबे की सत्ता से भाजपा को बाहर रखने ही उनकी पार्टी राज्य सरकार को समर्थन दे रही है। भ्रष्टाचार को लेकर राज्य की जनता त्राहिमाम कर रही है। राज्य में हर स्तर पर भ्रष्टाचार व्याप्त है। बिना रिश्वत दिये कोई काम करा पाना लगभग असंभव है। स्वास्थ्य सेवाओं का भी बुरा हाल है। आम लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। सरकार जनता को अपेक्षां को पूरा नहीं कर पा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उपरोक्त मुद्दे को लेकर उनकी पार्टी के कार्यकर्ता पूरे राज्य में धरना प्रर्दशन, अनशन और जेल भरो आंदोलन करने का फैसला किया है।

 

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