बिहार शरीफ में भारत बंद समर्थक हुए उग्र, खुली दुकानों में की जमके तोड़-फोड़, मची अफरा-तफरी

अनुसूचित जाति व अनुसूचित जन जाति अत्याचार निवारण कानून में  अदालत द्वारा बदलाव के विरोध में आयोजित बंद के दौरान नालंदा के  बिहारशरीफ में बंद समर्थकों ने जमकर तोड़-फोड़ की है.

बंद समर्थकों ने जम कर किया तोड़फोड़

बिहार शरीफ नालंदा से संजय कुमार की रिपोर्ट

सड़क पर वाहन नहीं चले  तथा  खुले दुकान भी बंद हो गए .
आज सुबह से ही शहर के हॉस्पिटल चौक ,अंबेडकर चौक ,राजगीर मोर तथा 17 नंबर चौराहा को आंदोलनकारी जाम कर दिए थे .जिससे कोई भी वाहन आ जा नहीं रहे थे. शहर में चलने वाले तिपहिया तथा इलेक्ट्रिक रिक्शा वाहन नहीं चलें.

दुकानों पर बरसाये लाठी-डंडे

सुबह से ही आंदोलनकारी झुंड बनाकर खुली दुकानों को बंद कराने में लगे हुए थे. करीब 12:00 बजे जुलूस हॉस्पिटल  चौराहा से रांची रोड की ओर निकला तथा खुली दुकानों को बंद  कराने के नाम पर लाठी डंडों से काउंटर एवं शोकेस पर बरसाना शुरू कर दिया .भगदड़ मच गई. लोग अफरा-तफरी में अपनी दुकान बंद करने में लग गए. जब रांची रोड से जुलूस भराव पर महात्मा गांधी सड़क की ओर आने लगी. भराब चौराहा पर खुली दुकानों पर लाठी लाठी डंडा से प्रहार  कर सोकेस तथा काउंटर पर हमला कर दिया.जिससे एक  दर्जन से अधिक दुकान क्षतिग्रस्त हो गया.

प्रदर्शनकारी का  तांडव पुलिस के सामने होता रहा तथा पुलिस मूक  दर्शक होकर सिर्फ तमाशा  देखती  रही . लग रहा था  मानों प्रदर्शनकारियों को प्रशासन की   खुली छूट मिली हुई हो.

करीब 300  से अधिक संख्या में  बंद समर्थकों ने रांची रोड स्थिति एक आइसक्रीम की दुकान ,भराव पर चौराहा के पास खिलौने की दुकान,  सन पापड़ी की  दुकान, जनरल स्टोर की दुकान, जूते की दुकान ,कपड़े की दुकान के शोकेस का शीशा तोड़ डाला .जुलूस आगे  बढ़ती जा रही थी तथा खुले दुकान पर अपना गुस्सा निकाल रही  थी . पुलिस पीछे पीछे चल रही थी. प्रदर्शनकारी बंद  दुकानों के साइन बोर्ड को भी तोड़ डाला. पालिका मार्केट स्थित एक फल की दुकान पर भी जमकर तोड़ फोड़  की गई .जुलूस के भय के कारण खुली  दुकान बंद  होने लगी. दुकानदारों का गुस्सा पुलिस प्रशासन पर निकल रहा था.

अनुसूचित जाति  वं अनुसूचित जनजाति संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर बुलाई गई भारत बंद का समर्थन कांग्रेस, राजद ,भाकपा माले  तथा हम सहित    विपक्षी पार्टियों ने किया था.
बिहार शरीफ नालंदा से संजय कुमार की रिपोर्ट

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