यह डीएसपी इमरान के खिलाफ अफवाह तो नहीं!

रिटार्यड डीएसपी इमरान हसन से,पटना ब्लास्ट के आरोपियों के कथित संबंध की उड़ाई गयी खबरों पर यह रिपोर्ट पढ़ें जो कुछ और ही किस्से बताती हैं.

इमरान हसन लालू के सुरक्षा अधिकारी रह चुके हैं

इमरान हसन लालू के सुरक्षा अधिकारी रह चुके हैं

विनायक विजेता

बोधगया सीरियल ब्लास्ट के बाद पटना के गांधी मैदान में हुंकार रैली के दौरान हुए सीरियल ब्लास्ट की जांच कर रही एनआईए ने पूर्व डीएसपी इमरान हसन से पूछताछ के लिए उन्हें किसी तरह की औपचारिक नोटिश जारी नहीं की है।

सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसी पहले यह पता करने की कोशिश कर रही है कि उनका इंडियन मुजाहिदीन के साथ कोई संबंध रहा है या नहीं।

इमरान इसलिए शक के घेरे में आए क्योंकि पटना जंक्शन से पकड़ा गया एक आतंकी इम्तियाज ने यह बयान दिया था कि वह खुद, तहसीन अख्तर उर्फ मोनू और हैदर, इमरान हसन के हिंदपीढ़ी स्थित घर पर ही एक जलसा में मिले थे।

धार्मिक स्वभाव

सूत्र बताते हैं पटना से 2008 में रिटायर्ड हुए इमरान हसन धार्मिक प्रवृति वाले अधिकारी है जो अपने घर में अक्सर ‘दरश कुरान’ की पाठ करवाया करते थे जिसके बाद एक जलसा समारोह का आयोजन होता है। इस समारोह में उसी तरह कोई भी मुस्लिम समुदाय के लोग शामिल होते हैं जिस तरह हिन्दुओं के किसी धार्मिक अनुष्ठान के बाद प्रसाद वितरण या खन-पान में लोग शामिल होते हैं।

पांच भाइयों में चौथे भाई इमरान सार्जेन्ट कैडर के अधिकारी थे और डीएसपी पद पर मिले प्रमोशन के बाद स्पेशल ब्रांच में पदस्थापना के दौरान वह तत्कालीन मुख्यमुत्री लालू प्रसाद और बाद में मुख्यमंत्री बनी राबड़ी देवी की सीएम सिक्यूरिटी में भी बतौर डीएसपी रहे।

प्रतिष्ठित खानदान

इमरान हसन के सबसे बड़े भाई कस्टम विभाग के आयुक्त रह चुके हैं जिनके एक बेटे सुप्रीम कोर्ट में पदस्थापित हैं । मूल रुप से रांची के हिंदपीढ़ी निवासी इमरान हसन का खानदान और पूरा परिवार काफी सभ्य और प्रतिष्ठित माना जाता रहा है।

बताया जाता है कि नौकरी के दौरान ही इमरान हसन ने रांची के डोरंडा इलाके में जमीन लेकर वहां मकान बनाया और पटना से रिटायरमेंट के बाद उसी मकान में शिफ्ट कर गए। संभव हैं तब से अबतक रांची के ईरम लॉज को अपना ठिकाना बनाए इंडियन मुजाहिदीन के सदस्य ठीक उसी तरह उस जलसा में शामिल हो गए हों जिस तरह हॉस्टल में रहने वाले छात्र लगन के दिनों में शादी बारात आने वाले किसी घर में शराती या बराती का वेश धर व्यंजनों की लुत्फ उठा चलते बनतें हैं.

हो सकता है इम्तियाज, तहसीन और हैदर वहां इसी तरह पहुंच गये हों. या संभव है इमरान हसन के अलावा किसी अन्य ने भी इन तीनों को उस धार्मिक अनुष्ठान (जलसा) में शामिल होने का निमंत्रण दिया हो। सूत्र बतातें हैं कि एनआईए ने अपने परिवार के साथ अपने बेटे के पास विदेश गए इमरान हसन से मात्र आरंभिक पूछताछ किया है ताकि उनसे इस मामले में कुछ जानकारी हासिल की जा सके। पर विदेश में होने के कारण उनसे कोई विस्तृत बात नहीं हो सकी है. हालांकि पटना में इमरान हसन के साथ काम कर चुके उनके कुछ सहयोगी नाम न देने की शर्त पर यह कहते हैं कि इमरान का संबंध मजहबी लोगों से था और हमेशा कुछ लोगों का उनके पास आना जाना होता था पर इस बात में कितना दम है यह जांच के बाद ही पता चलेगा।

सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसी को इमरान हसन के मोबाइल डिटेल में भी कुछ ऐसे संकेत नहीं मिलें हैं जो उनकी संदेहास्पद गतिविधि को इंगित करे।

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