वास्तु विहार पर हलचल: मनोज ने कहा मैं तो सिर्फ ब्रांड अंबेस्डर हूं

रियल स्टेट कम्पनी ‘वास्‍तु विहार’ के मायाजाल को लेकर वरिष्ठ पत्रकार ज्ञानेश्वर ने लिखा था कि उसका विज्ञापन  ‘धोखा नहींmanoj, महाधोखा’ है, इसके बाद सरकार में हलचल हुई, जबकि मनोज तिवारी ने कहा यह उनकी कम्पनी नहीं है पढ़िये अब आगे क्या हुआ है.

मंत्री,नगर विकास विभाग सम्राट चौधरी ने खबर ली है । उन्‍होंने मंगलवार को पटना लौटते ही एहतियाती कार्रवाई शुरु कराने की दिशा में पहल करने की बात कही है । कहा है,रोकेंगे गलत प्रचार के माध्‍यम से निवेशकों को लुटने से । साथ में पुलिस व प्रशासन के कई आला अधिकारियों ने भी वार्ता कर ‘वास्‍तु विहार’ के बारे में जानने की कोशिश की है । कहा है,कंपनी की शिकायतें पहले से चली आ रही थी,लेकिन रडार पर लेने का वक्‍त अब नजदीक आता प्रतीत हो रहा है ।

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‘वास्‍तु विहार’ के ब्रांड अंबेसडर सांसद मनोज तिवारी से भी वार्ता हुई । उन्‍होंने कहा-मैं सिर्फ ब्रांड अंबेसडर हूं,वास्‍तु विहार के प्रबंधन में शामिल नहीं हूं । मालूम हो कि शनिवार को छपे विज्ञापन में मनोज तिवारी को ऐसे पेश किया गया था,मानों वे प्रबंधन में हों । इसके साथ ही तिवारी ने यह भी स्‍पष्‍ट किया कि गुणवत्‍ता, समयबद्धता व निवेश के तौर-तरीकों की सुरक्षा की गारंटी वे नहीं दे सकते । ग्राहकों को खुद संतुष्‍ट हो लेना चाहिए । भाजपा सांसद ने कहा कि उन्‍होंने कुछ नैनो प्रोजेक्‍ट्स के ग्राहकों को चाबी सौंपी है,लेकिन पटना के किसी प्रोजेक्‍ट्स के बारे में नहीं जानते । वैसे ‘वास्‍तु विहार’ के भूमि पूजन में जब शामिल होने जाता हूं,तो कुछ जमीन मालिकों से बात कर सच्‍चाई जान लेने की कोशिश करता हूं । अधिक जानकारी के लिए उन्‍होंने ‘वास्‍तु विहार’ के एमडी विनय तिवारी से भी बात कर लेने की सलाह दी ।
‘वास्‍तु विहार’ का पक्ष जानना भी मेरे लिए आवश्‍यक था । सुबह से कोशिश कर रहा था । इस कोशिश में कुछ नई जानकारी मिली । एमडी विनय तिवारी का संदेश सभी जगहों पर दिखता है, लेकिन कहीं नहीं मिलती तस्‍वीर । सभी जगहों पर मनोज तिवारी हैं । गूगल बाबा के सर्च में भी वे नहीं मिले । अगर आप किसी को तस्‍वीर मिले,तो मेरे को भेज देंगे । मीडिया के साथियों ने बताया कि कार्यक्रमों में ‘वास्‍तु विहार’ की ओर से उनकी तस्‍वीर छापने की मनाही होती है । खैर,विनय तिवारी से संपर्क के लिए मैंने ‘वास्‍तु विहार’ की मीडिया कंसल्‍टेंसी एजेंसी सिंह एडवरटाइजिंग के मनदीप को फोन किया । मनदीप मुझे नहीं जानते थे ।
‘वास्‍तु विहार’ का एड कराने की बात मनदीप ने कबूल की । मैंने विनय तिवारी का नंबर देने को कहा । जवाब मिला-उनसे बात नहीं होती । नंबर नहीं है । इसके बाद मैंने पूछा कि विज्ञापन के दावों की असलियत कभी परखने का काम किया । मनदीप ने कहा-अखबार छापने के पहले सच्‍चाई नहीं पूछती,इसलिए हमने भी कभी जरुरत नहीं महसूस की । मनदीप से बात के बाद दोपहर को फोन आया । कहा गया,’वास्‍तु विहार’ से चंदन ठाकुर बोल रहे हैं,एमडी विनय तिवारी साहब बात करेंगे । मैंने मिलने का समय देने को कहा,क्‍योंकि सवाल के जवाब फोन पर नहीं मिल सकते थे । वे फोन पर ही कुछ बताना चाहते थे । पटना हफ्ते भर बाद आने की जानकारी दी । नेटवर्क में भी कुछ समस्‍या थी । मैंने कहा,थोड़ी देर बाद फोन मिलाते हैं । करीब आधे घंटे बाद मिलाया,तो फोन रिसीव जरुर हुआ,लेकिन चंदन ठाकुर ने कहा-कहीं चले गये हैं,बाद में बात कराते हैं । तब से फोन की प्रतीक्षा जारी है । डायरेक्‍ट नंबर नहीं मिल पाया है,इसलिए सीधी बातचीत नहीं हो रही है । आगे के पोस्‍ट में सरकार के रुख के साथ हम आपको कुछ और बताने की कोशिश करेंगे ।

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