सरकारी खजाने से लाभ के लिए आधार जरूरी

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने पूर्ण दूसरे बजट को समाज के कमजोर तबके और मध्यम वर्ग को बड़ी राहत देने वाला बताते हुये इसे ‘रॉबिनहुड बजट’ मानने से इनकार कर दिया और कहा कि अमीरों से बहुत ज्यादा नहीं लिया गया है। jetaly

 

बजट पेश करने के बाद जेटली ने कहा

श्री जेटली ने वित्त वर्ष 2016-17 के लिए संसद में बजट पेश करने के बाद मीडिया से कहा कि कृषि क्षेत्र इस समय दबाव में है और इसे सबसे ज्यादा पैसा इसी क्षेत्र को दिया गया है। यह पूछे जाने पर कि क्या इसे ‘रॉबिनहुड बजट’ की संज्ञा दी जा सकती है, जिसमें अमीरों से पैसा लेकर गरीबों को दिया गया है, श्री जेटली ने कहा “मुझे लगाता है कि बहुत लिया नहीं है।

 

वित्त मंत्री ने कहा कि इस बजट में सबसे महत्वपूर्ण निर्णय आधार से संबंधित कानून के बार में लिया गया है। उन्होंने कहा कि एक से दो दिन के भीतर इस कानून के बारे में घोषणा की जायेगी। उन्होंने कहा कि आधार में गोपनीयता का जो मसला अदालत में लंबित है वह अलग है। इस कानून का उस मसले को कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकारी खजाने से यदि लाभ चाहिये तो इसके लिए आधार जरूरी होगा। श्री जेटली ने कहा कि इससे सब्सिडी का दुरुपयोग रुकेगा तथा इस पैसे को सामाजिक सुरक्षा तथा इंफ्रा क्षेत्र पर खर्च किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि सब्सिडी सिर्फ पात्र और गरीबों को मिलनी चाहिये। सरकार जल्द ही उर्वरकों पर सब्सिडी को सीधे बैंक खातों में डालने (डीबीटी) के लिए एक पायलट परियोजना ला रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*