सीेएम ने बापू टावर का किया शिलान्यास, जानिए कैसा होगा यह

‘बापू टावर’ का मुख्यमंत्री ने किया शिलान्यास, बापू के जीवन एवं दर्शन से जुड़े सभी पहलू होंगे प्रदर्षित

बापू टावर का किया सीएम ने शिलान्यास

 
पटना, 02 अक्टूबर 2018:- मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने आज राष्ट्रपिता महात्मा गाॅधी की 150वीं जयंती समारोह वर्ष के शुभारंभ के अवसर पर बापू सभागार, सम्राट अषोक कन्वेंषन केन्द्र से रिमोट के माध्यम से ‘बापू टावर’ का शिलान्यास किया।
 
उल्लेखनीय है कि बापू के जीवन के सभी पहलुओं एवं घटनाओं को आकर्षक तरीके से प्रदर्शित करने हेतु 84.49 करोड़ रूपये की लागत से गर्दनीबाग में सात एकड़ भूमि पर भवन निर्माण विभाग द्वारा ‘बापू टावर’ का निर्माण होगा।
गाॅधी जी की जीवनी एवं दर्शन से संबंधित अभिलेखों, स्मृति चिन्ह् एवं कलाकृतियों का प्रदर्शन ‘बापू टावर’ में किया जायेगा। प्रस्तावित भवन में विषय संबंधी प्रदर्शन, शोध एवं अन्य आवश्यकताओं के लिये संरचना तथा सुविधा को विकसित करने एवं पूरे परिसर को मनोरम सुरूचिपूर्वक एक विशिष्ट परियोजना के रूप में निर्मित करने का प्रस्ताव है। प्रदर्श हेतु वृत्ताकार दीवार के साथ विभिन्न तल्लों पर कुल 350 मीटर लंबा रैम्प का प्रावधान किया गया है, जिससे उतरते हुये प्रदर्श का अवलोकन किया जा सकता है। इसके साथ ही तल विशेष से भी आवश्यतानुसार बर्हिगमन की सुविधा दी गयी है।
प्रस्तावित बापू टावर जी प्लस 6 का होगा, जिसमें सामान्य आगंतुकों, विशेसज्ञों एवं छात्रों के लिये प्रदर्श के अतिरिक्त समुचित जन सुविधाओं के साथ स्मृति चिन्ह् क्रय केन्द्र,भोजशाला, 200 लोगों के लिये बहुउद्देश्यीय हाॅल, ओरियंटेशन हाॅल इत्यादि का प्रावधान किया गया है। साथ ही शोध केन्द्र, प्रशासनिक कार्यालय, अस्थाई एवं स्थाई प्रदर्श हाॅल का भी प्रावधान किया गया है।
 

कैसा होगा टावर

प्रस्तावित बापू टावर में सुगम आवागमन हेतु पार्किंग की समुचित व्यवस्था के साथ बस पार्किंग एवं जन परिवहन पड़ाव की भी व्यवस्था की गयी है। भवन के फसाड पर काॅपर प्लेट का आच्छादन किया गया है। इस प्रस्तावित स्थल पर लगभग 250 दोपहिया वाहन, कार, बस
की पार्किंग की व्यवस्था होगी। इस भवन में स्थाई प्रदर्शनीय हाॅल होगा और लिफ्ट के माध्यमसे भवन के ऊपरी तल्ले पर जाया जा सकेगा तथा वहाॅ से महात्मा गाॅधी के जीवन पर प्रदर्श को देखते हुए रैम्प पर वापस नीचे आया जा सकेगा। प्रस्तावित भवन बाधामुक्त, भूकंपरोधी
एवं ऊर्जा दक्षता की अवधारणाओं के अनुरूप होगा।

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