सेना प्रमुख के राजनीतिक बयान पर उखड़े बदरुद्दीन अजमल, कहा राष्ट्रपति लें संज्ञान

सेना प्रमुख विपिन रावत  के  बयान से उत्न्न हंगामे के बाद एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने सेना प्रमुख के  राजनीतिक बयान पर गहरी चिंता जताते हुए राष्ट्रपति से अपील की है कि उन्हें संज्ञान लेना चाहिए.

अजमल ने कहा है कि राष्ट्रीय पार्टियों से मोहभंग होने के चलते ही ऑल इंडिया युनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट ( एआईयूडीएफ  व आम आदमी पार्टी जैसे दलों का उदय हुआ है.

क्या कहा था सेना प्रमुख ने

गौरतलब है कि सेना प्रमुख विपिन रावत ने एक सेमिनार में कहा था कि असम में बदरुद्दीन अजमल के नेतृत्व वाली एआईयूडीएफ का विस्तार भारतीय जनता पार्टी से भी तेजी से हुआ है. विपिन रावत ने कहा था कि असम के पांच छह जिलों में जनसंख्या के स्वरूप में भारी बदलाव हुआ है. राज्य में योजनाबद्ध आवर्जन हो रहा है, चाहे किसी की भी सरकार रही हो. रावत ने कहा था कि 1984 में भाजपा के दो सांसद जीते थे. लेकिन एआईयूडीएफ का विस्तार उससे भी तेज हुआ है.

 

गौरतलब है कि बदरुद्दीन अजमल की पार्टी के राज्य विधानसभा में 18 सदस्य हैं जबकि लोकसभा में उसके 3 सांसद हैं. कभी कांग्रेस में रहे अजमल ने 2005 में एआईयूडीएफ नामक राजनीतिक पार्टी का गठन किया था और उन्होंने अपने दल का असम में काफी विस्तार किया है. अजमल की पार्टी फिलहाल राज्य की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी है.

सेना प्रमुख के इस बयान पर काफी बवाल हो रहा है. बदरुद्दीन अजमल ने रावत के इस बयान को ‘शाकिंग’ कहते हुए चिंता जताई. अजमल ने ट्विट कर कहा कि सेना प्रमुख किसी राजनीतिक दल के विस्तार से चिंतित क्यों हैं. उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व धर्मनिरपेक्ष मूल्यों के सहारे उनकी पार्टी का विस्तार हुआ है. अजमल ने कहा कि  राष्ट्रीय दलों ने आम लोगों की उम्मीदों को तोड़ा है. इसी का नतीजा है कि आम आदमी पार्टी व एआईयूडीएफ जैसी पार्टियों के प्रति लोगों में आकर्षण बढ़ा है. अजमल ने कहा कि सेना प्रमुख को राजनीतिक बयान से परहेज करना चाहिए.

अजमल ने सेना प्रमुख के बयान पर चिंता जताते हुए राष्ट्रपति से रामनाथ कोविंद से अपील की है कि वह सेना प्रमुख के राजनीति बयान पर गंभीरता से विचार करें.

उधर सेना प्रमुख के इस बयान के बाद सेना के प्रवक्ता ने कहा कि उनके बयान का राजनीतिक अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए.

 

 

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