अपशकुन पर अपशकुन क्यों साबित हो रहा है मुख्य सचिव अंजनी सिंह को मिला एक्सटेंशन? फोडर स्कैम पर फिर घिरे

रिटायरमेंट के बाद तीन महीने का मिला एक्सटेंशन बिहार के चीफ सेक्रेटरी अंजनी कुमार सिंह के लिए अपशकुन साबित हो रहा है. सेवा विस्तार के महज 12 दिनों में अंजनी चारा घोटाला मामला में अदालत द्वारा दूसरी बार घेर लिये गये हैं.नीतीश की पसंद अंजनी कुमार मुश्किलों में फंसते जा रहे हैं.
सीबीआई की विशेष अदालत ने चारा घोटाले से जुड़े एक और मामले में दुमका के तत्कालीन उपायुक्त और वतर्मान में बिहार के मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह को नोटिस जारी किया है. आरसी 45A/96 में सीआरपीसी की धारा 319 के तहत यह नोटिस जारी किया गया है.
 
चारा घोटाले के केस नंबर 45A/96 में अंजनी कुमार सिंह समेत नौ लोग चश्मदीद थे. सीबीआई कोर्ट ने नोटिस जारी कर इन लोगों से पूछा है कि क्यों नहीं इस मामले में उन्हें आरोपी बनाया जाए.सीबीआई कोर्ट ने इस मामले में 28 मार्च को सभी को सशरीर उपस्थित होने का आदेश दिया है.
 
इससे पहले 6 मार्च को भी चारा घोटाले के दूसरे मामले में अंजनी कुमार समेत 7 लोगों को सीबीआई कोर्ट की तरफ से नोटिस जारी किया था. उस मामले में भी अदालत ने सभी को 28 मार्च को उपस्थित होने का आदेश दिया है.
 
सीबीआई के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह की अदालत ने अंजनी कुमार अनेक अफसरों और डिस्ट्रिब्युटर्स को नोटिस जारी किया था.
इस बीच अंजनी कुमार के बाहने विपक्ष नीतीश कुमार को घेरने में लगा है. पिछले दिनों विधानसभा में भी विपक्ष ने अंजनी सिंह को बर्खास्त करने की मांग कर चुका है.
याद रहे कि अंजनी सिंह को जीतन राम मांझी सरकार ने नीतीश कुमार के आग्रह पर मुख्यसचिव बनाया था. उस समय भाजपा ने भी उनकी नियुक्ति पर चुटकी ली थी और कहा था कि नेपथ्य में रहते हुए नीतीश अपना शासन चलाना चाहते हैं. नौकरशाही के गलियारे की जानकारी रखने वालों का कहना है कि भाजपा से जुड़ी एक लॉबी नहीं चाहती थी कि अंजनी कुमार सिंह का एक्सटेंशन हो.

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