ईद के चांद पर अपनी अना के लिए मुसलमानों का सौदा करने से बाज आयें उलेमा: अशफाक

जनता दल राष्ट्रवादी के राष्ट्रीय कंवेनर अशफाक रहमान ने उलेमा से कहा है कि रमजान के चांद की तरह ईद के चांद पर अपनी अना के लिए मुसलमानों का सौदा न करें और आरएसएस की चाल का शिकार ना बनें.
 
 
अशाक रहमान ने कहा कि इसबार रमजान के चांद पर जिस तरह से अलग-अलग उलेमा ने मुसलमानों में कंफ्युजन पैदा किया और रोजे को आगे-पीछे कर दिया उससे मुसलमानों में उनकी साख काफी गिर गयी है और उनकी इज्जत पर बट्टा लगा है.
 
 
उन्होंने इस बात पर हैरत का इज्हार करते हुए कहा कि हमारे उलेमा ए दीन इस्लाम को बदनाम करने के लिए संघी साजिश का शिकार हो रहे हैं.
कौन से विज्ञान या खगोल शास्त्र है जिसके अनुसार महीना का पहला चांद दो-दो तारीखों को अलग-अलग नुमायां होता है. मुसलमानों के विश्वास का कत्ल करने वाले ऐसे उलेमा को उलमा ए सू का नाम देते हुए अशफाक रहमान ने कहा कि ये लोग हमारे नबी के इस्लाम के बजाये अपने निजी इस्लाम को गढ़ कर देश के 30 करोड़ मुसलमानों के साथ धोखा कर रहे हैं.
 
अशफाक रहमान ने इस बात पर सवाल उठाया कि क्या चांद देखे जाने की तस्दीक के लिए वे संघ की साजिशों के शिकार हो रहे हैं या संघ द्वारा किसी लालच के कारण रोजे और ईद के चांद की असल तारीख में हेरफेर करते हैं.
 
 
अशफाक रहमान ने कहा कि कौन से विज्ञान या खगोल शास्त्र है जिसके अनुसार महीना का पहला चांद दो-दो तारीखों को अलग-अलग नुमायां होता है. मुसलमानों के विश्वास का कत्ल करने वाले ऐसे उलेमा को उलमा ए सू का नाम देते हुए अशफाक रहमान ने कहा कि ये लोग हमारे नबी के इस्लाम के बजाये अपने निजी इस्लाम को गढ़ कर देश के 30 करोड़ मुसलमानों के साथ धोखा कर रहे हैं.
 
 
उन्होंने कहा कि उलेमा ए दीन पर देश के 00 करोड़ मुसलमानों का अटूट भरोसा रहा हैै लेकिन उन्होंने इस भरोसे को तोड़ा है.
 
 
अशफाक रहमान ने कहा कि पिछले दिनों अनेक उलेमा ने संयुक्त रूप से ऐलान किया था कि वे चांद देखे जाने की तस्दीक पर मिल कर फैसला लेंगे. इसके लिए एक मीटिंग भी बुलाई गयी थी लेकिन इस मीटिंग के तुरत बाद उनकी एकता तार-तार हो गयी और अनेक उलेमा अपनी अलग-अलग राग अलापने लेगे. उन्होंने कहा कि अगर हमारे उलेमा एक दीन पर यकीन रखते तो एक दिन ही हर  जगह ईद होती क्योंकि तकनीकी क्रांति के इस दौर में सूचना का आदान-प्रदान सेकेंडों में हो जाता है. 
 
 
अशफाक रहमान ने कहा कि यह उम्मेत ए मुसलमां के लिए शर्मानाक है कि उनके उलेमा इस्लाम के बुनियादी उसूलों पर भी एक नहीं रह पाते. अशफाक रहमान ने कहा कि इस बार ईद का चांद उलेमा के लिए इम्तहान होगा. अगर इस बार उलेमा निजी अना या किसी लालच में चांद पर विवाद करते हैं तो इसके बाद मुसलमान उन पर भरोसा करना छोड़ देंगे और उनको नहीं बख्शेंगे.

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